100 प्रतिशत अंकुरन ले 10 एकड़ तक पहुँचिस सफलता के कहानी
महिला एफपीओ ह ‘हसदेव ब्रांड’ ल दीस नवा चिन्हारी
एमसीबी, आत्मनिर्भर भारत के संगे-संग महिला ससक्तीकरन के दिसा म मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला के माइलोगिन मन ह एक नवा मिसाल कायम करे हें। सिद्धबाबा महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ह सामूहिक कोसिस, बैज्ञानिक खेती अऊ नवा किसानी तकनीक मन के दम म महमहई जीराफूल धान के अइसन सफलता के कहानी लिखे हें, जेहा अब पूरा प्रदेश बर प्रेरणा बनत हे। माइलोगिन मन के ए पहल ह न सिरिफ खेती ल फ़ायदा वाले बनाए हे, भलुक तीर-तखार के किसानी उपज ल देसभर म पहचान देवाए के दिसा म घलो मज़बूत कदम बढ़ाए हे।
महिला शेयरधारक मन ल सकेल के बनाए गए ए एफपीओ ह जीराफूल धान के खेती के शुरुआत बढ़िया गुन वाले बीज अऊ बैज्ञानिक तरीका ले तियार नर्सरी के संग करिस। किसानी के जानकार मन के सलाह म करे गए बीज उपचार अऊ नवा तकनीक मन के उपयोग के नतीजा ए रहिस के 100 प्रतिशत अंकुरन मिलिस। ए सफलता ह महिला किसान मन के आत्मविश्वास ल कइ गुना बढ़ा दीस।
बढ़िया अंकुरन के बाद माइलोगिन मन ह सामूहिक रूप ले 10 एकड़ खेत म जीराफूल धान के खेती ल बढ़ाइन। समे म रोपा, संतुलित खातू-पानी के समाधान, नियम ले सिंचाई अऊ लगातार देखरेख के सेती खेत मन म फसल ह बहुत बढ़िया स्थिति म हे। आज लहलहावत धान के खेत ह महिला किसान मन के मिहनत, अनुसासन अऊ सामूहिक अगुवाई के जियत-जागत मिसाल बन चुके हे।
ए पहल के सबले बड़े बात ए रहिस के माइलोगिन मन सिरिफ खेत म मिहनत करे तक सीमित नइ रहिन, भलुक बीज के छंटइ, नर्सरी के काम, रोपाई, फसल के संरक्छन, गुन के जाँच अऊ उपज के समाधान जइसे पूरा किसानी काम म अगुवा बन के काम करिन। एखर ले खेती कोती उंकर मन के सोच बदले हे अऊ खेती ओ मन बर पइसा के आत्मनिर्भरता के एक मज़बूत माध्यम बन के आगू आए हे।
एफपीओ के अवइया लक्छ ’हसदेव ब्रांड’ के तहत बढ़िया गुन वाले महमहई जीराफूल चांउर ल प्रदेश अऊ देस के बड़े बाजार मन तक पहुँचाना हे। एखर बर गुन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग अऊ बढ़िया बिक्री म बिसेस धियान देहे जात हे, ताकि महिला किसान मन ल उंकर उपज के जादा ले जादा दाम मिल सकय अऊ तीर-तखार के सामान मन के अलग पहचान बन सकय।
जानकार मन के मुताबिक, एफपीओ मॉडल ह किसान मन ल सकेल के साधन मन के बढ़िया उपयोग करे, नवा तकनीक मन ल अपनाए अऊ बाजार म बढ़िया दाम पाए के मौका देवत हे। एकरे सेती सिद्धबाबा महिला एफपीओ के सफलता अब एमसीबी ही न ही, भलुक प्रदेश के दूसर महिला किसान मन बर घलो प्रेरणा के केंद्र बनत हे।

