महिला सशक्तिकरण के मिसाल बनत हे सरगुजा जिला के करौली गांव

बिहान योजना ले ग्रामीण महिला मन बनिन आत्मनिर्भर
रायगढ, छत्तीसगढ़ शासन कोति ले संचालित बिहान योजना के माध्यम ले सरगुजा जिला के लूण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करौली के महिला मन आज आत्मनिर्भरता अऊ सशक्तिकरण के नवा कहानी लिखत हें। बिहान योजना के तहत गठित हिग्लेश्वरी स्व-सहायता समूह के महिला मन ह तेल प्रोसेसिंग इकाई स्थापित करके आर्थिक स्वावलंबन के दिशा म उल्लेखनीय काम करत हें।
समूह के अध्यक्ष श्रीमती सरोज के अगुवई म 5 स्व-सहायता समूह के 28 महिला मन ल एकजुट करके प्रोड्यूसर ग्रुप के गठन करे गए हे। ए समूह ह सरसों तेल निर्माण के फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करके स्थानीय स्तर म स्वरोजगार के प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करे हें। अभी हाल म समूह ह सरसों तेल निर्माण के सम्पूर्ण प्रक्रिया – बीज के सफाई, प्रोसेसिंग, भंडारण, पैकिंग अऊ विपणन खुदे संचालित करत हें।
ए इकाई म कार्यरत हर एक महिला ल रोजेच 200 रूपिया के मजदूरी मिलत हे। तेल बिक्री ले समूह ल हर महिना औसतन 50-60 हजार रूपिया के शुद्ध बचत घलोक होवत हे। शासन कोति ले प्रोसेसिंग इकाई बर शेड अऊ मशीनरी के सुविधा देहे गए हे। तेल ल स्टील ड्रम म संग्रहित करके दू दिन तक स्थिर रखे के बाद बोतल म भरके बाज़ार म बेंचे बर भेजे जात हे। उच्च गुणवत्ता अऊ शुद्धता के सेती स्थानीय बाज़ार म ए उत्पाद मन के मांग सरलग बाढ़त हे।
श्रीमती सरोज ह बताइस के बिहान योजना ले पहिली गांव के महिला मन घरेलू काम मन तक सीमित रहिन, फेर अब ओ मन ल आर्थिक संबल के संगे संग समाज म नवा पहिचान मिले हे। उमन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अऊ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करत कहिन के शासन के योजना मन ह ग्रामीण महिला मन के जीवनशैली ल सकारात्मक रूप ले बदले हे।
बिहान योजना के प्रभावी संचालन ले सरगुजा जिला के स्व-सहायता समूह मन के महिला मन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत कड़ी बनकर उभर रही हे। करौली के हिग्लेश्वरी समूह महिला सशक्तिकरण अऊ सामुदायिक आजीविका विकास के प्रेरणादायी उदाहरण बन गीस हे, जिंकर सफलता ह ये वाले सिद्ध करे गीस हे कि कहूं अवसर अऊ संसाधन उपलब्ध होही, तो ग्रामीण महिला मन घलोक आर्थिक प्रगति अऊ सामाजिक विकास म महत्वपूर्ण योगदान दे सके हे।

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