मनेंद्रगढ़ GG Digital News Desk, धान तिहार के रंग अब गाढ़ा होवत जावत हे। छत्तीसगढ़ सरकार के ‘डिजिटल व्यवस्था’ ह किसान मन के दुख-पीरा ला दूर कर देहे हे। अब धान बेचे बर रद्दा देखे के या घन्टों लाइन मा खड़े होय के जरुरत नइ हे। मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी (MCB) जिला के उपार्जन केंद्र मन मा एखर असर साफ दिखत हे।
लक्ष्मी प्रसाद के कहानी: ग्राम चौनपुर के किसान लक्ष्मी प्रसाद ह ए साल अपन 28 कुंटल धान बेचिस। वो बतात हे के जब वो मंडी पहुँचिस, त उहाँ के व्यवस्था देख के गदगद हो गे। न भीड़-भाड़, न कउनो शोर-शराबा। टोकन ऑनलाइन कट गे रिहिस, समय मा कांटा-तौल होइस अउ काम बन गे।
का-का हे सुविधा?
लक्ष्मी प्रसाद कहिथे के “पहिली लाइन मा खड़े होय ला परत रिहिस, फेर अब वो जमाना गए। अब खरीदी व्यवस्था किसान के रद्दा देखथे।” केंद्र मा साफ-सफाई हे, पिये बर पानी हे अउ कर्मचारी मन घलो मदद करथें।
3100 रुपिया के कमाल:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सरकार ह 3100 रुपिया प्रति कुंटल अउ 21 कुंटल प्रति एकड़ के जेन नियम बनाए हे, तेखर ले किसान मन आर्थिक रूप ले मजबूत होवत हें। किसान मन ए पइसा ले अपन खेती सुधारत हें अउ नवा मशीन बिसावत हें। प्रसासन अउ मार्कफेड के ए डिजिटल पहल ले गाँव के लोगन के चेहरा मा अब सुकून दिखत हे।

