एक हजार के बचत ले बदलिस किस्मत: निर्जला ह बिसाइस रीपर मशीन, अब बनत हे आत्मनिर्भर

महतारी वंदन योजना ले मिलिस आगू बढ़े के सीख
किसान मन ल मशीन किराया म दे के कमावत हे हजारों रुपिया

कोरिया, छोटे-छोटे कोसिस अउ मजबूत इरादा मन बड़े बदलाव के कहानी लिख देथें। कोरिया जिला के गाँव कसरा के रहइया 37 बछर के श्रीमती निर्जला साहू ह घलो कुछु अइसने कर के देखा दे हे।
दू लइका के महतारी अउ पोस्ट ग्रेजुएट (स्नातकोत्तर) तक पढ़े निर्जला ह छत्तीसगढ़ सरकार के बड़े योजना ‘महतारी वंदन योजना’ ले मिलइया हर महीना के एक हजार रुपिया ल बचा के अपन आर्थिक हालत ल बदले के सुरूवात करिस। निर्जला ह बताथे के ओहा बछर भर के 12 हजार रुपिया ल सकेलिस अउ बैंक ले 80 हजार रुपिया के करजा  लेके रीपर मशीन बिसा लीस। ये मशीन ह धान अउ गेहूँ के कटाई म काम आथे। अब ओहा ए मशीन ल किसान मन ल 600 रुपिया घंटा म किराया म देथे।
कटाई के मउसम म कतकों पइत एक दिन म 4 ले 5 घंटा तक मशीन चलथे, जेकर ले ओला दू ले तीन हजार रुपिया तक के कमाई हो जाथे। एक महीना म ओहा करीबन 36 हजार रुपिया ले जादा के कमाई करथे, जबकि एक सीजन म लगभग 65 हजार रुपिया तक के लाभ मिलथे। निर्जला ह बताइस के महतारी वंदन योजना के दूसर बछर के 12 हजार रुपिया ल घलो ओहा बैंक म जमा कर दे हे। बैंक ले लेहे करजा के करीब 4 हजार रुपिया के महीना किस्त (EMI) ल घलो ओहा नियम ले पटावत हे।
परिवार के संग घलो ओखर सफलता के बड़े ताकत आय। ओखर घरवाला, सास अउ ससुर ओला  मदद करथे। ओखर बड़े लइका जवाहर नवोदय विद्यालय म 8वीं म पढ़त हे, अउ छोटा लइका स्‍वामी आत्मानंद स्कूल म 4थी के छात्र आय।
निर्जला ह कहिथे के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल ले सुरू होय महतारी वंदन योजना ह माईलोगन मन ल आत्मनिर्भर बने के मउका देवत हे। ओखर मानना हे के मनखे मन अक्सर कहिथें के एक हजार रुपिया म का होही, फेर कहूं बचत के सोच अउ आगू बढ़े के जज्बा होय त इही छोट कन पूँजी ह बड़े सपना मन ल पूरा कर सकथे। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ह कहिस के निर्जला के कहानी ह ए बात ल सच करथे के सही योजना, मिहनत अउ संकलप के संग माईलोगन मन नइ केवल अपन परिवार बल्कि पूरा समाज बर प्रेरणा बन सकथें।

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