दुर्ग gurturgoth, जिला के ग्राम थनौद के रहइया तृप्ति चक्रधारी आज ग्रामीण महिला मन बर प्रेरणा बनगे हे। कभू घर के काम तक सीमित रहइया तृप्ति अपन मेहनत अउ कला के दम म आर्थिक आत्मनिर्भरता के नवा मिसाल कायम करे हे। तृप्ति ल माटी अउ मूरती कला के अद्भुत हुनर मिले हावय। ओ ह गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा अउ स्थानीय देवी-देवता मन के सुंदर मूरती बनाथे। पैतृक अउ आर्थिक मदद के अभाव म ओखर हुनर आगू नइ बढ़ पावत रहिस। इही बेरा म शासन के ‘लखपति दीदी योजना’ ओखर जिनगी म नवा मोड़ लिस।
ए योजना ले जुड़के तृप्ति ल जरूरी प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता अउ स्व-सहायता समूह के माध्यम से सही मार्गदर्शन मिलिस। योजना के प्रोत्साहन ले ओ अपन मूरती कला के काम ल बड़का पैमाना म व्यावसायिक रूप देइस। लगन अउ मूरती मन के उत्कृष्ट फिनिशिंग के सेती ओखर काम के मांग आसपास के गांव अउ शहर मन म तेजी ले बाढ़े लागिस। लखपति दीदी योजना के संबल ले तृप्ति आज हर प्रकार के मूरती बनाके सालाना 3 ले 4 लाख रूपिया तक के कमाई करत हे। तृप्ति कहिथे के पारंपरिक हुनर ल सही सरकारी योजना के सहयोग मिलय त ग्रामीण महिला मन आर्थिक रूप से पूर्ण रूपेण सशक्त हो सकत हें। ओमन राज्य सरकार अउ जिला प्रशासन ला धन्यवाद देत कहिन के ओमन न केवल खुद आत्मनिर्भर बनगे हें, बल्कि अपने परिवार ला बेहतर भविष्य देवत हें अउ आन महिला मन ल स्वरोजगार अपनाए बर प्रेरित करत हें।
दुर्ग के थनौद के तृप्ति चक्रधारी के लखपति दीदी योजना ले बदल गे जिनगी, मूर्ति बनाके कमावत हे लाखों रुपिया
Lakhpati Didi Yojana Chhattisgarh