अब नइ नंदावय लेड़गा बरी

दुर्ग, लोक कवि मन के चिंता हे कि लेड़गा बड़ी के बनइया छत्तीसगढ़ म नंदावत हे। फेर पाटन ब्लाक के अरसनारा गांव के महिला समूह ह ठाने हे के लेड़गा बड़ी ल विलुप्त नइ होन दन। इही सोच के संग जब उमन लेड़गा बड़ी बना के बाजार म बेचना शुरू करिन, त देखतेच देखत लेड़गा बड़ी के स्टॉक ख़त्म हो गीस।

जय माँ कर्मा महिला स्वसहायता समूह के अध्‍यक्ष अजीता ह बताइस कि ओ मन बिल्कुल परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजन अऊ अचार, बड़ी-बिजौरी तियार करत हें। लेड़गा बड़ी इमन पांच किलो बनाइन अऊ बेच दीन। अजीता के बताती सबले अच्छा ओ मन ल तब लगथे कि जब दूसर राज्य मन के मनखे अपन खास लहजा ले फरा अऊ चीला के उच्चारण करथें तब लगथे कि बिहान ले जुड़के हमार काम मन ल सार्थकता मिलत हे।

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