हांका – Chhattisgarhi News

महात्मा गांधी नरेगा ले किसान मन के जीवन म होवत हे उन्नत्ति

पानी आए, खेती बाढि़स अऊ बदलिस चेतन धुर्वे के जीवन
महात्मा गांधी नरेगा ले बने कुंवा ह हितग्राही ल बनाइस आत्मनिर्भर

कबीरधाम, ये कहानी हे विकासखण्ड सहसपुर लोहारा के ग्राम पंचायत कुरूवा के जिहां खेतीहर किसान मन के संख्या जादा हे। उन किसान मन म एक किसान हे श्री चेतन धुर्वे जेला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ले सिंचाई कूप (डगवेल) निर्माण के स्वीकृति मिलीस। हितग्राही चेतन धुर्वे अपन खेत मन म सिंचाई खातिर बरसात के पानी उपर निर्भर रहत रहिस। फेर अब सिंचाई कूप निर्माण हो जाय ले हर मौसम म अपन खेत म आसानी ले सिंचाई कर सकत हे। सिंचाई बर पानी नइ होए ले श्री चेतन धुर्वे बारहमासी फसल लेहे म असमर्थ रहिस। वोखर पास केवल 1.5 एकड़ जमीन रहिस, जेमां घलोक बहुत सीमित खेती ही हो पात रहिस। सिंचाई के अभाव म कई पइत फसल नष्ट हो गे जेखर से हितग्राही ल आर्थिक नुकसान घलोक उठाना परे रहिस।
हितग्राही श्री चेतन धुर्वे ल जानकारी मिलीस के वोखर समस्या मन के हल महात्मा गांधी नरेगा योजना ले हो सकत हे, जेखर बाद ग्राम पंचायत म वो ह अपन मांग रखिस। ग्राम पंचायत ले प्रस्ताव तैयार करे गीस जेखर बाद सिंचाई कूप खातिर कुल 2.52 लाख के स्वीकृति मिलीस। कुंआ निर्माण काम ले 1.03 लाख के मजदूरी गांव के मनरेगा जॉब कार्ड धारी परिवार मन ल मिलिस। रोजगार प्राप्त करइया गांव वाले मन म हितग्राही के परिवार घलोक सम्मिलित हे। कूप के निर्माण काम म 1.44 लाख रुपिया सामान म व्यय होइस।
कूप निर्माण होए ले हितग्राही श्री चेतन के जीवन म खुशहाली आ गे हे। ओ ल अपन खेत खातिर सालभर पानी उपलब्ध हो गे। पहिली जिहां एक फसलीय खेती करय तेन अब खरीफ, रवी अऊ जायद के फसल के खेती घलोक करे लगे हे। ए प्रकार कूप निर्माण हो जाय ले बारहमासी फसल उगावत हे। अपन खेती के रकबा 1.5 एकड़ अऊ बगल वाले ले रेगहा मे लेके रकबा बढ़ाके 5 एकड़ कर डरे हे, जेखर से वोखर आय म बढ़ोत्तरी होय हे। हितग्राही श्री चेतन स्वंय अपन बर सब्जी तको उपजानत हे संगेच सब्जी ल बेच के आमदनी कमावत हे। चेतन धुर्वे के कहानी गांव के आन किसान मन खातिर मिसाल बन गए हे। जिहां पहिली किसान सिरिफ बारिश के अगोरा करत रहिन, उहें अब महात्मा गांधी नरेगा योजना के सहायता ले सालभर खेती के लइक पानी के व्यवस्था अपन घर म ही पा गए हे। पशुपालन अऊ छोटे-छोटे व्यवसायिक गतिविधि मन अब वोखर जीवन के प्रमुख हिस्सा बन गए हे जेन सीधा ओ ल आर्थिक लाभ देवत हे।

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