बन्सुला बसना के श्रीमती भोजवती साहू के प्रेरक कहानी

महतारी वंदन योजना बनिस आत्‍मविश्‍वास के पर्याय

महासमुंद, बसना विकासखंड के ग्राम बन्सुला के रहइया श्रीमती भोजवती साहू के जिनगी ह घरवाला के गुजर जाय के बाद मुस्किल ले भर गे रहिस। घर के सब्बो जिम्मेदारी ओखर काँध म आ गे रहिस, अउ सबले बड़े चिंता लइका मन के भविस्स ला लेके रहिस।
ओही बखत ओला महतारी वंदन योजना के बारे म जानकारी मिलिस। हर महीना मिलइया 1000 रूपया के सहायता ह ओखर बर असीरवाद बनके आइस। श्रीमती भोजवती ह ए रासि के समझदारी ले उपयोग करिस अउ एक ठन छोटे कन किराना दुकान सुरू करिस। दुकान म बिस्कुट, नमकीन, साबुन, तेल जइसे रोज के जरूरत के चीज मन ला राखिस।
सुरु म थोरकन हिचकिचाहट रहिस, फेर धीरे-धीरे ग्राहक मन बाढ़िन अउ आमदनी होय ला धरिस। योजना के मदद ले दुकान ला अउ बढ़ाय गिस। आज ए दुकान ह न सिर्फ परिवार के आर्थिक जरूरत ला पूरा करत हे, बल्कि दूनों लइका मन ला बने इस्कूल म पढ़े के मउका घलो देवत हे।
श्रीमती भोजवती कहिथे, “जब मोर लइका मन पढ़थे अउ मुसकुराथे, त लागत हे जइसे मोर घरवाला के आत्‍मा घलो खुस होवत होही। मैं हार नइ मानिस, अउ आज अपन आप म गरब महसूस करत हौं। एहा सिरिफ 1000 रूपया नो हे, मोर उम्मीद, ताकत अउ लइका मन के उज्‍जर भविस्स के अधार आय।”

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