छत्तीसगढ़ म मलेरिया के खिलाफ निर्णायक बढ़त — 61.8% बिना लक्षण वाले मरीज के बेरा म होइस चिन्‍हारी

बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा-सुकमा म शासन के रणनीति सफल — दूरस्थ अंचल मन म घलोक पहुँचत हे स्वास्थ्य सेवा
सक्रिय निगरानी, घर-घर स्क्रीनिंग अऊ सामुदायिक भागीदारी ले गढ़ेन नवा स्वास्थ्य मॉडल
रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले संचालित मलेरिया मुक्‍त छत्तीसगढ़ अभियान (12वां चरण) के अब तक के प्रगति ले स्पष्ट हे के राज्य शासन के घर-घर स्क्रीनिंग रणनीति अऊ सक्रिय जनसंपर्क के माध्यम ले मलेरिया के जड़ उपर प्रहार करे जात हे। 25 जून ले 14 जुलाई 2025 तक होए सर्वेक्षण म 1884 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मन के पहिचान करे गए हे, जेमे ले 1165 मरीज (61.8%) बिना लक्षण (Asymptomatic) वाले रहिन।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह कहिन के हमर सरकार के नीति स्पष्ट है— बीमारी के अगोरा मत करव, बीमारी ले पहिली पहुँचव। उमन स्वास्थ्य विभाग के टीम ल ए उपलब्धि बर बधाई दीन अऊ कहिन के ये अभियान राज्य ल मलेरिया मुक्‍त बनाए के दिशा म निर्णायक साबित होही।
कुल 1,39,638 मनखे मन के मलेरिया जांच करे गीस। 1884 मनखे पॉजिटिव पाए गीस, जेमें ले 1165 (61.8%) बिना कोनो लक्षण के रहिन — मने कहूं ये स्क्रीनिंग नइ होतिस, त संक्रमण आगू बढ़तिस। कुल मामला म ले 75% ले जादा लइका हे, जेन विशेष रूप ले संवेदनशील वर्ग के हें। 92% ले जादा मलेरिया केस Plasmodium falciparum (Pf) प्रकार के हे — जिंनकर जल्दी पहिचान ले गंभीर जटिलता ल टाले गीस।
दंतेवाड़ा जइसे दूरस्थ अऊ भौगोलिक दृष्टि ले चुनौतीपूर्ण जिला म 12.06% लक्ष्य प्राप्ति दर अऊ 706 मलेरिया पॉजिटिव मामला मन के पहिचान एक बड़का सफलता हे। खास बात ये हे के एमां ले 574 मरीज बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) रहिन, जे मन ल शासन के सक्रिय रणनीति के सेती समय रहत उपचार उपलब्ध कराए गीस। ये दिखाथे के जंगल क्षेत्र मन म घलोक स्वास्थ्य तंत्र के पहुँचत हे, निगरानी, अऊ सेवा प्रभावशाली तरीका ले होवत हे।
सुकमा म 15,249 मनखे के जांच के समय 372 मलेरिया पॉजिटिव केस मिले हे, जेमें ले 276 मरीज बिना लक्षण वाले रहिन। ये आँकड़ा स्पष्ट रूप ले बताथे के शासन के प्रो-एक्टिव स्क्रीनिंग के चलते साइलेंट संक्रमण के चक्र ल तोड़े जात हे। जनजातीय क्षेत्र मन म घलोक मेडिकल एक्सेस अऊ सामुदायिक भागीदारी के चलते संक्रमण म नियंत्रण पाए जात हे — ये प्रशासन के रणनीतिक सफलता हे।
मलेरिया मुक्‍त छत्तीसगढ़ अभियान के 12वां चरण अंतर्गत 27266 घर मन म स्क्रीनिंग टीम मन पहुँचिन। 1247 गर्भवती महिला मन के जांच करे गीस, जेमें ले मात्र 10 पॉजिटिव पाए गीस – यानी केवल 0.08%। LLI (लार्ज लास्टिंग मच्छरदानी) के उपयोग 92% घर मन म ठउका करे गीस। Indoor Residual Spray कवरेज 68.73% तक पहुँचिस। 614 घर मन म मच्छर लार्वा मिले म जल्दी कार्रवाई करे गीस।
ये अभियान दर्शाथे के स्वास्थ्य सेवा सिरिफ इलाज भर नो हे, बल्कि जागरूकता, समयबद्धता अऊ पहुँच के नाम हे। शासन कोति ले वैज्ञानिक पद्धति ले स्क्रीनिंग, मच्छर नियंत्रण, जागरूकता अऊ फॉलोअप व्यवस्था के संघरा प्रयास ले ही संभव हो सके हे के 61.8% बिना लक्षण वाले मरीज मन ल इलाज मिलीस अऊ संक्रमण के कड़ी टूट सकिस।
छत्तीसगढ़ सरकार अवइया समय म ए मॉडल ल अऊ विस्तार देहे बर प्रतिबद्ध हे, ताकि राज्य ल मलेरिया मुक्‍त बनाना सिरिफ लक्ष्य न ही, बल्कि वास्तविकता बनय।

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