हांका – Chhattisgarhi News

साग-भाजी के खेती ले आत्मनिर्भर बनिस मनीषा नागेश

Vegetable Farming Success Story Chhattisgarh

सरकारी योजना अउ मिहनत ह बदलिस जिनगी

दंतेवाड़ा, पक्का विसवास, सरलग मिहनत अउ सरकारी योजना मन के लाभ लेके दंतेवाड़ा जिला के तुड़पारास गांव के अगुवा महिला किसान श्रीमती मनीषा नागेश ह आत्मनिर्भरता के एक सुग्घर मिसाल पेस करे हे। ओहा सब्‍जी उत्पादन ला अपन कमई के पोठ माधयम बनाके अपन परिवार के आर्थिक स्थिति ला पोठ बनाए हे।

परिवार के कोसिस ला आगू बढ़ाइस
लगभग दू बछर पहिली ओकर परिवार ह एक हेक्टेयर भुइँया म साग उत्पादन के सुरुवात करे रहिस। सुरु-सुरु म ए काम ला ओकर सास ह करत रहिस, फेर अब मनीषा ह खुदे एकर जिम्मा सम्हाले हे। ओहा horticulture विभाग के रद्दा देखाए अउ मदद ले खेती ला आगू बढ़ात एला कमई के पक्का जरिया बना लेहे हे।

अलग-अलग साग के उत्पादन, बाढ़ीस कमई
मनीषा ह अपन खेत म भांटा, पताल, बरबटी, तोरई, करेला, केरा के संग कइ किसम के साग मन के खेती करत हे। ए साग मन के बेचई से ओला सरलग कमई होथे। ओहा बताथे के ए कमई से लइका मन के पढ़ाई-लिखाई अउ परिवार के जरूरत मन ला पूरा करे म बड़ मदद मिलत हे।

सोलर सिंचई अउ प्राकृतिक खेती ला बढ़ाइस आगू
खेती ला सुग्‍धर बनाए बर ओहा सरकारी मदद से सोलर वाले बोरवेल के सुबिधा पाए हे। एकरे माधयम से ओहा अपन फसल मन के सिंचई करथे। खरचा कम करे बर अउ पर्यावरन ला बचाए बर ओहा पॉलीथिन मल्चिंग के जगा म पैरा के उपयोग ला अपनाए हे। खेत म पैरा बिछाए से भुइँया म नमी बने रहिथे, कचरा कम उबजथे अउ मजदूरी के खरचा घलो कम हो जाथे।

सरकारी योजना मन से मिलिस नवा रद्दा
मनीषा के कहना हे के किसानी अउ उद्यानिकी विभाग कोति ले चलाए जात योजना मन किसान मन बर बड़ गुनकारी हें। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड पताल अउ भांटा के पौधा देहे जाथे। उहें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माधयम से केरा, पपीता (अरमपपई) अउ दूसर फर वाले पौधा मन के खेती ला बढ़ावा मिलथे। एकर अलावा राज्‍य पोषित विकास योजना अउ ऑयल पाम मिशन जइसे योजना मन घलो किसान मन के कमई बढ़ाए म सहायक हें।

घर-दुआर अउ खेती म तालमेल
मनीषा ह घर-दुआर के बुता के संगे-संग रोज बिहनिया अउ संझउती अपन खेत म समे देथे। ओकर मानना हे के सरलग देख-रेख अउ मिहनत से खेती म अउ बने परिणाम पाए जा सकत हे। ओकर लगन के ही फल आय के आज ओला खेती से सुग्घर कमई होवत हे अउ वोहा आत्मनिर्भर जिनगी जियत हे।

दूसर किसान अउ महिला मन बर प्रेरणा
आज श्रीमती मनीषा नागेश ह अपन इलाका म एक सफल साग उगाइया किसान के रूप म चिनहारी बना चुके हे। ओकर मानना हे के यदि किसान आधुनकि तकनीक मन ला अपनाहीं अउ सरकारी योजना मन के लाभ लिहीं, त कम भुइँया म घलो बने कमाई करे जा सकत हे। ओकर सफलता गांव के महिला अउ किसान मन बर प्रेरणा के सोत बन गे हे।

आत्मनिर्भरता के रद्दा म बढ़त कदम
मनीषा नागेश के सफलता ए देखाथे के मिहनत, सही रद्दा अउ सरकारी योजना मन के बने उपयोग से गांव के महिला मन आर्थिक रूप से पोठ बन सकत हें। ओकर ए बड़का काम ह महिला सशक्तिकरण, कुदरती खेती अउ आत्मनिर्भर गांव के ब्यवस्था के एक गजब के उदाहरण आय।

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