मनरेगा के ‘आजीविका डबरी’ ले संवरत हे छोटे किसान मन के तकदीर

जल संरक्षण के संग साग-भाजी उत्पादन अउ मछली पालन ले बढ़ही गांव के आय

सरगुजा, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए जात ‘आजीविका डबरी’ प्रदेश के छोटे अउ सीमांत किसान मन बर आमदनी बढ़ाए के एक सशक्त साधन बनके उभरत हे। जल संरक्षण ला बढ़ावा देहे के संगे-संग ए पहल ह गांव-देहात मं स्थायी आजीविका के नवा अवसर घलो बनावत हे।
सरगुजा जिला के ग्राम पंचायत मेंड्राखुर्द के रहवइया छोटे किसान श्री बिहारी लाल के खेत मं मनरेगा के तहत आजीविका डबरी के निर्माण काम चलत हे। लगभग 1 लाख 99 हजार रुपिया के लागत ले बनत ए डबरी के 95 प्रतिशत काम पूरा हो गे हे। डबरी मं बरसात के पानी जमा होय ले फसल के सिंचाई बर भरोसा बाढ़ही अउ खेती-किसानी के काम अउ बने सहिन हो सकही।
श्री बिहारी लाल ह बताइस के डबरी के माध्यम ले वो ह साग-भाजी के उन्नत खेती के संग-संग मछली पालन घलो शुरू करही, जेखर ले ओखर आमदनी मं भारी बढ़ोतरी होही। ओ मन ए सुविधा बर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अउ जिला प्रशासन के आभार मानत कहिन के ए योजना ओखर जैसे छोटे किसान मन बर बहुत फायदेमंद साबित होवत हे।
जिला मं जल प्रबंधन ला मजबूत करे अउ ग्रामीण आजीविका ला बढ़ावा देहे के उद्देश्य ले जिला प्रशासन कोति ले लगभग 403 आजीविका डबरी के निर्माण कराए जात हे। ए डबरी मन के माध्यम ले बरसात के पानी बचाए मं मदद मिलही, भू-जल स्तर बांचही अउ सिंचाई, मछली पालन अउ दूसर उपयोगी गतिविधि मन ला बढ़ावा मिलही। एकर संगेच स्थानीय स्तर मं रोजगार पैदा करके गांव वाले मन ला आत्मनिर्भर बनाए के दिशा मं पक्का कदम उठाए जात हे।
ए संबंध मं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल ह बताइस के छत्तीसगढ़ सरकार के प्राथमिकता हे के विकास के योजना मन के लाभ समाज के आखिरी मनखे तक पहुँचय। ‘आजीविका डबरी’ जइसे योजना मन ग्रामीण अर्थव्यवस्था ला मजबूत करे के संग किसान मन ला स्थायी आमदनी के जरिया उपलब्ध करावत हे। ओ मन कहिन के मेंड्राखुर्द के श्री बिहारी लाल जइसन सैकड़ों किसान ए उदीम ले विकास के मुख्यधारा ले जुड़के आत्मनिर्भरता के नवा मिसाल कायम करत हें।

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