नारायणपुर, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला के ग्राम पंचायत भरंडा के रहइया कक्षा आठवीं के छात्रा प्रमिला बर जिनगी एक खामोश पहेली कस बन गे रहिस। श्रवण बाधिता के सेती ओला न सिरिफ दूसर मन के गोठ समझे म परेसानी होत रहिस, बल्कि कक्षा म शिक्षक मन के पढ़ाए ल स्पष्ट न सुन पाए के सेती ओखर पढ़ाई के रद्दा घलो रुकत रहिस। जिला प्रशासन नारायणपुर डहर ले जिला म दिव्यांगजन मन ल शासकीय योजना मन ले जोड़के सशक्त बनाय के विशेष अभियान चलाए जात हे। इही अभियान के तहत आयोजित शासकीय स्वास्थ्य शिविर म प्रमिला के परीक्षण होइस, जहाँ ओखर श्रवण बाधिता के पहचान करे गीस। एकर बाद त्वरित कार्रवाई करत ओखर यूडीआईडी पोर्टल म पंजीयन कराके दिव्यांगता प्रमाण पत्र अउ यूडीआईडी कार्ड जारी करे गीस।
समाज कल्याण विभाग डहर ले 8 सितंबर 2026 ल प्रमिला ल आधुनिक श्रवण यंत्र देहे गीस। श्रवण यंत्र लगातेच प्रमिला के आसपास के खामोशी दूर होगे। अब वो स्पष्ट सुन पात हे, जेकर से ओखर आत्मविश्वास बहुत बाढ़ गे हे। कक्षा म पढ़ाई अब ओखर बर सरल होगे अउ वो आगू के पढ़ाई जारी रखे बर बहुत उत्साही हे। एकर संगेच परिवार अउ इष्ट-मित्र मन के संग गोठ-बात अब बिना कोनो रुकावट के होत हे। प्रमिला अउ ओखर पिता सुकुम ह शासन-प्रशासन के ये संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त करे हे। ये कहानी ए बात के प्रमाण हे के सही समया म मिले सही मदद कोनो के पूरा जिनगी ला बदल सकथे।