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पढ़व पूरा समाचार : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ले मिलीन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के 70 लाख आदिवासी अऊ 58 लाख गरीब परिवार मन ले जुरे लंबित विषय मन के जल्दी निराकरण के करे गीस अनुरोध
रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह आज नई दिल्ली म प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ले मुलाकात करिन अऊ उंखर से छत्तीसगढ़ के 70 लाख आदिवासी अऊ 58 लाख गरीब परिवार मन ले जुड़े लंबित विषय मन के जल्दी निराकरण के आग्रह करिन।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ह प्रधानमंत्री ल कहिन कि छत्तीसगढ़ म किसान मन के हित ल ध्यान रखत छत्तीसगढ़ शासन ह किसान मन ले 2500 रू प्रति क्विटंल समर्थन मूल्य म धान के खरीदी करे हे । एखर से राज्य म अकतहा धान के उपार्जन होय हे । उमन प्रधानमंत्री ले आग्रह करिन कि किसान मन के हित ल देखत सार्वजनिक प्रणाली के जरूरत के अकतहा चावल ल केन्द्रीय पूल म लेहे के स्वीकृति प्रदान करव। राज्य के हर घर म नल कनेक्शन के माध्यम ले पेयजल प्रदाय करे के योजना के संबंध म मुख्यमंत्री ह आग्रह करिन कि एखर बर केन्द्र सरकार ल सत प्रतिसत अनुदान प्रदान करना चाही। उमन कहिन कि जऊन प्रकार शत-प्रतिशत विद्युतीकरण ल लेके राष्ट्रीय स्तर म प्रयास होए हे उही प्रकार हर घर म पेयजल के व्यवस्था बर घलोक प्रयास के जरूरत हे।

मुलाकात के बेरा म वन अधिकार के मान्यता के जिक्र करत मुख्यमंत्री ह प्रधानमंत्री ले कहिन कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 म प्रस्तावित संशोधन मन म बहुत अकन खामि हे, जेमा से वन क्षेत्र मन म निवासरत आदिवासी मन के हित के संरक्षण नइ करे गए हे उमन ये मां संशोधन म जोर देहे हे । श्री बघेल ह कहिन कि केन्द्र सरकार कोति ले देश के छोटे अउ सीमांत किसान मन ल लाभांवित करे के उद्देश्य ले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सुरू करे गए हे। ए योजना के हितग्राही मन म अनुसूचित जनजाति अऊ आन परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों के मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत् वन अधिकार प्राप्त किसान मन ल सामिल नइ करे गए हे, उमन ए योजना अंतर्गत ओ वन अधिकार प्राप्त किसान मन ल सम्मिलित करत रू. 12,000 प्रतिवर्ष सम्मान निधि देहे के मांग करिन।

बैठक म उज्जवला योजना के बात उठावत मुख्यमंत्री ह कहिन कि योजना के तहत रिफिल कराये गये सिलेंडर के संख्या कम हे । उमन कहिन कि गरीब परिवार मन बर एक मुश्त एतका राशि देना संभव नइ होए अउ दूरस्थ अंचल मन म एल.पी.जी वितरक मन के संख्या म अपेक्षित वृद्धि नइ होना कम रिफिल के मुख्य कारण हे। उमन कहिन कि गरीबी के रेखा ले नीचे अवइया परिवार मन ल खाना पकाए बर ईधन के रूप म केरोसिन के जरूरत होथे। जेखर सेती राज्य हित म केरोसिन के कोटा 1.15 लाख किलो लीटर ले बढ़ाके 1.58 लाख किलो लीटर करे जाना चाही। उमन कहिन कि राज्य म उज्जवला योजना के अंतर्गत जारी गैस कनेक्शन के वार्षिक रिफिल प्रतिशत औसतन 1.7 हे, जऊन कि बहुत कम हे। ए खातिर 5 किलो वाले गैस सिलेण्डर के आपूर्ति ऑयल कंपनी मन कोति ले प्रदेश के जम्मो जिला मन म आपूर्ति करे जाना चाही ताकि बीपीएल कुटुंब के क्रय क्षमता के अंतर्गत एलपीजी के उपयोग सुनिश्चित हो सकय।

मुलाकात के समय उमन आग्रह करिन कि शासकीय उपक्रम मन बर आबंटित खदान मन म 100 रूपिया प्रति टन के जगा म 500 रूपिया प्रति टन प्रिमियम दे जाये अउ छत्तीसगढ राज्य ल उत्पादित विद्युत के हिस्सा घलोक दे जाये। श्री बघेल ह राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अउ पिछड़ा वर्ग के छात्र मन के संगे-संग समाज ले वंचित अउ निसहाय वर्ग के एक प्रमुख समस्या के तरफ ध्यान आकृष्ट करत कहिन कि केन्द्र सरकार के अभी हाल म निर्देश के अनुसार राज्य सरकार कोति ले संचालित अउ केन्द्र या राज्य सरकार के मालिकाना वाले छात्रावास/कल्याणकारी संस्था मन ल छोड़के सबो छात्रावास/कल्याणकारी संस्था मन ल ए योजना के अंतर्गत खाद्यान आबंटन बर मान्य नइ करे गए हे। जेखर सेती राज्य सरकार ले अनुदान अउ मान्यता प्राप्त 471 संस्था मन के 43,640 अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अउ पिछड़ा वर्ग के छात्र मन के संगे-संग समाज के वंचित अउ निःसहाय वर्ग के मनखे मन बर महिना अपरेल, 2019 ले रियायती दर म 655 टन चावल के प्रदाय बंद हो गे हे। उमन वंचित संस्था मन ल घलोक खाद्यान के आबंटन बर मान्य करे के आग्रह करिन। मुख्यमंत्री श्री बघेल ह प्रधानमंत्री श्री मोदी ले फसल बीमा योजना म सुधार लाय , फूड सब्सिडी , महात्मा गांधी नरेगा म आवटंन के समस्या , स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ,गोबर-धन योजना , प्रधानमंत्री घर योजना (शहरी) , स्टैंड-अप इंडिया योजना मन उपर घलोक अपन बात कहिन । बैठक म मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी घलोक उपस्थित रहिन ।

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