दुर्ग के गांव-गांव म लबालब भरिस आजीविका डबरी अउ नवा तरिया मन, जल संरकछन ले ग्रामीण आजीविका ला मिलही नवा मजबूती

बरसात के संग दिखे ल धरिस ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के असर

दुर्ग, मानसून के सुरू होय के संग दुर्ग जिला म ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान 2.0 के सुघर परिणाम अब गांव-गांव म दिखे लगे हे। अभियान के तहत बनाय गे आजीविका डबरी, नवा तरिया, चेक डैम, परकोलेशन पॉण्ड अउ दूसर पानी संकरछन के ढांचा मन लउहे-लउहे पानी म लबालब भरत हें। एकर ले भुइँया के पानी के स्तर म सुधार होही अउ किसान, गरू-बछरू अउ गांव के परिवार मन ला सिंचाई, मछरी पालन, बारी-बखारी अउ आजीविका के दूसर बूता-काम मन बर बछर भर पानी मिल सकही।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के अगोरा अउ सीईओ जिला पंचायत श्री बजरंग कुमार दुबे के अगुवाई म ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान 2.0 अउ वीबी जी राम जी के सुघर तालमेल ले जिला के 300 ग्राम पंचायत मन म बड़का पैमाना म जल संरकछन अउ संबर्धन के काम करे गिस। जनभागीदारी ले चलइया ए अभियान हा पानी सहजइ अउ भू-जल रिचार्ज ला नवा रफतार देहे हे।
इही वित्तीय बछर म जिला म 55,965 वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच, 20,518 कंटूर ट्रेंच, 9,663 सोख्ता गढ़हा, 1,324 रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना, 834 रिचार्ज पिट, 123 गांव के तरिया, 26 चेक डैम, 15 परकोलेशन पॉण्ड अउ 28 बोरवेल रिचार्ज संरचना मन के निरमान करे गीस। ए जम्मो संरचना मन म बरसात के पानी जल्‍दी सहेजे के सेती अभियान के उपयोगिता साफ-साफ आघू आवत हे।
जिला म बने 30 आजीविका डबरी मन बरसात के पानी ला सुघर तरीका ले सहेजत हें। उहें ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के तहत बनाय गे 112 डबरी अउ तरिया घलो पानी म भरे लगे हें। ए जल संरचना मन ले मछरी पालन, सिंचाई, साग-भाजी अउ दूसर आय बढ़इया बूता मन ला बढ़ावा मिलही अउ गांव मन ला बछर भर पानी के साधन मिल जाही।
जिला प्रसासन के मानना हे के ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान सिरिफ पानी सहेजइ के कार्यक्रम नो हे, भलुक गांव के अरथबेवस्था ला मजबूत बनाय के बड़े माध्यम बनके उभरत हे। मानसून के पहिली सुघर पानी गिरे के संग आघू अवइया बेरा म पानी के सुरक्छा, खेती-किसानी के उपज अउ ग्रामीण आजीविका ला लंबा बखत तक लाभ मिले के आसा अउ पक्का हो गे हे।

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