दंतेवाड़ा, श्री विष्णु देव साय के कुशल अगुवई अऊ ऊंखर मार्गदर्शन म कृषि, उद्यानिकी अऊ मत्स्य पालन जइसेच रेशम विभाग घलोक हितग्राही मन के आजीविका सशक्त करे म अग्रणी भूमिका निभावत हे। विभाग के योजना मन ले लाभान्वित होके जिला के स्व-सहायता समूह मन आत्मनिर्भरता के नवा मिसाल पेश करत हे।
रेशम विभाग कोति ले हितग्राही समूह मन ल स्वस्थ रेशम कीट अंडा उपलब्ध कराए जाथे। ए अंडा मन ले हैचिंग ले लेके कोसा निर्माण तक के संपूर्ण प्रक्रिया हितग्राही खुद करथें। एकर पाछू तियार कोसा के विक्रय ले ओ मन ल आर्थिक आमदनी प्राप्त होथे।
इही क्रम म शासकीय रेशम केन्द्र, चितालंका के महिला स्व-सहायता समूह ह मलबरी रेशम कीट पालन के सफल संचालन करके उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करे हे।
ए साल टसर रेशम कीट पालक मन ह तेरा सौ स्वस्थ अंडा मन ले 45 दिन म 45 हजार नग डाबा कोसा के उत्पादन करे हें। एकर विक्रय ले समूह ल 72 हजार 300 सौ रुपिया के आय प्राप्त होए हे। ये पहिली फसल ले होए आमदनी समूह के महिला मन के उत्साह अऊ आत्मविश्वास ल दोगुना करत हे।
अब समूह के महिला मन एखर वित्तीय साल म दुसरा अऊ तीसरा फसल लेहे खातिर पूरा तियार अऊ प्रेरित हें। ये उदीम दंतेवाड़ा जिला म आजीविका संवर्धन अऊ महिला सशक्तिकरण के मजबूत उदाहरण बनके उभरत हे।


