उत्तर बस्तर कांकेर : मेरी कहानी मेरी जुबानी : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ले आत्मनिर्भर हो रहीं ग्रामीण महिलाएं

उत्तर बस्तर कांकेर, 12 जनवरी 2024 । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ले जुड़के ग्रामीण महिला मन आत्मनिर्भर होके आगू बढ़त हें अऊ अपन परिवार के जीविकोपार्जन म मदद करत हें। जिला के ग्रामीण महिला मन घलोक ये मिशन के तहत स्व सहायता समूह ले जुड़के काम करत हें। संगेच कई ठन रोजगारमूलक गतिविधि मन के माध्यम ले बनेच आमदनी पावत हें। भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आसुलखार कनकपुर निवासी श्रीमती लक्ष्मी चक्रधारी घलोक अइसनहेच ग्रामीण महिला ये, जेला राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ले लाभ मिले हे। आसुलखार म आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा म मेरी कहानी मेरी जुबानी के माध्यम ले श्रीमती लक्ष्मी ह बताइस कि वो समूह म जुड़े के पहिली खेती-मजदूरी के काम करत रहिस, जेखर कारण परिवार के आय घलोक बहुत कम रहिस। जब ले वो समूह ले जुड़े हे तबले वोखर जीवन स्तर म काफी सुधार आए हे। वो ह बताइस कि वो साल 2013 म दुर्गा स्वसहायता समूह ले जुड़े हे अऊ समूह म 12 सदस्य हे। समूह के शुरूआत म 15 हजार रूपिया मिले रहिस। ये राशि के उपयोग समूह के सदस्य मन ह पोषण बाड़ी म सब्जी के उत्पादन काम म करिन। बाड़ी ले उपजे सब्जी के उपयोग सबो सदस्य मन ह अपन-अपन घर बर करिन अऊ बाकी सब्जि मन ल बेचके बने कमई तको करिन श्रीमती लक्ष्मी ह बताइस कि ये प्रकार 07 हजार रूपिया के सीआईएफ राशि मिले के संग धीरे-धीरे आमदनी बाढ़त गीस। एखर बाद समूह कोति ले साबुन अउर निरमा बनाना शुरू करे गीस अऊ ये काम ले समूह के सदस्य मन ल करीबन 50 हजार रूपिया ले जादा के लाभ होइस। वो ह बताइस कि समूह ले मिले आय अऊ बैंक लिंकेज ले लोन लेके अपन खेत म बोर खनन घलोक कराइस, जेखर से ओ ल खेत मन म सिंचाई के सुविधा मिलीस। एकर से अब उमन खरीफ अऊ रबी दुनों सीजन म धान के फसल लेहे के तैयारी करत हे अऊ एखर से उत्पादन घलोक बाढ़ही अऊ आमदनी घलोक बाढ़ही। श्रीमती लक्ष्मी ह बिहान योजना के माध्यम ले महिला मन ल आजीविका ले जोड़के सशक्त अऊ आत्मनिर्भर बनाए बर शासन ल धन्यवाद दीस।

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