बिहान योजना ले मिलीस नवा पहिचान: पशु सखी बनके आत्मनिर्भर होइस तैलासो

राजवाड़े, हर महीना 10 ले 15 हजार रुपिया के कमइ

अंबिकापुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ ले जुड़के ग्रामीण महिला मन के जीवन म सुघर बदलाव आवत हे। एकर एक बड़े मिसाल सरगुजा जिला के अंबिकापुर विकासखंड के तैलासो राजवाड़े आय, जे ह महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) अउ समृद्ध सरगुजा संकुल ले जुड़े हे। ओहा पाछू दू बछर ले पशु सखी के रूप म काम करत आर्थिक रूप ले आत्मनिर्भर बने हे अउ अपन परिवार के जिम्मेदारी मन ला सुघर तरीका ले उठावत हे।
तैलासो राजवाड़े ह बतईस के बिहान योजना ले जुड़े के बाद ओला आजीविका के एक मजबूत जरिया मिलीस। अभी ओहा पशुपालक मन ला छेरी मन के देखरेख, सुजी-पानी (टीकाकरण) के प्रति जागरूकता, समय-समय म स्वास्थ्य जांच अउ जरूरी दवाई मन के जानकारी देवत हे। ए काम ले ओला हर महीना लगभग 10 ले 15 हजार रुपिया के आय होवत हे, जेकर ले ओकर परिवार के भरण-पोषण अउ लइका मन के पढ़ई बने तरीका ले चलत हे।
ओहा बतईस के ओकर तीन लइका हे, बड़े बेटा कक्षा 12वीं, दूसर कक्षा 10वीं अउ छोटे कक्षा 8वीं म पढ़त हे। पहिली आर्थिक स्थिति कमजोर होय के सेती कतकोन दुख-तकलीफ उठाना परत रहिस, आज अपन खुद के कमाई ले ओहा परिवार के जरूरत मन ला पूरा कर पात हे।
तैलासो ह बतईस के ओहा कृषि विज्ञान केंद्र म प्रशिक्षण पाए हे, जिहां पशुपालन अउ छेरी मन के स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े जरूरी बात बताय गे रहिस। ओहा कहिस के कहूं पशु सखी मन ला हमेशा उन्नत प्रशिक्षण अउ टीकाकरण के सामान देहे जाय त ओमन ग्रामीण इलाका म पशुपालक मन ला अउ बने सेवा दे सकहीं।
ओहा ये घलो बतइस के बिहान योजना के माध्यम ले ओला आजीविका बढ़ाय के कतको मउका मिले हे। योजना ले मिले मदद के अधार ऊपर ओहा अपन खेत म बोर खनवाए हे अउ धान के खेती सुरू करे हे। अवइया समय म ओहा साग-भाजी उपजा के अपन आय ला अउ बढ़ाय के योजना बनावत हे।
तैलासो राजवाड़े ह कहिस के बिहान योजना ले जुड़के ओला आत्मविश्वास, सम्मान अउ आर्थिक स्वावलंबन मिले हे। ओहा एकर बर प्रधानमंत्री अउ मुख्यमंत्री के आभार जताइस अउ कहिस के बिहान योजना ग्रामीण महिला मन ला आत्मनिर्भर बनाये म असरदार भूमिका निभावत हे अउ एकर ले कतको महिला मन के जीवन म सुग्‍घर बदलाव आये हे।

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