रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल म सांति, बिसवास अउ विकास के डहर म एक अउ बड़े सफलता मिले हे। बीजापुर जिला म 30 अउ सुकमा म 21 माओवादी कैडर मन ह राज्य सरकार के पुनर्वास योजना “पूना मारगेम: पुनर्वास ले पुनर्जीवन” के तहत आत्मसमर्पण करके समाज के मुख्यधारा म लहुटे के फैसला करे हें। आत्मसमर्पण करइया ए कैडर मन म कुल 1.61 करोड़ के इनाम घोषित रहिस।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ह कहिन के हथियार ल छोड़ के संविधान अउ लोकतांत्रिक व्यवस्था म बिसवास जताना ए बात के साफ संकेत आय के सुरक्षा, सुसासन अउ सबो के विकास ही कोनो भी क्षेत्र के भविष्य बर मजबूत नींव होथे। ए घटना बस्तर म सांति बनाय बर सरकार कोति ले करे जात उदीम मन के एक बने अउ ठोस नतीजा आय। बीते दू साल म बस्तर के दुरिहा अउ संवेदनशील इलाका मन तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार अउ बुनियादी सुविधा मन के बिस्तार करे गे हे। ए विकास के काम ह भटके जवान मन ल हिंसा के रस्ता छोड़ के लोकतांत्रिक व्यवस्था अउ सामाजिक जीवन ले जुड़े बर प्रेरित करे हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के सरकार के सुसासन नीति के असल मकसद सुरक्षा के संग-संग बिसवास, पुनर्वास अउ भविष्य के नवा रस्ता बनाना आय। आत्मसमर्पण करइया जवान मन के पुनर्वास, कौशल विकास अउ आत्मनिर्भर बनाय बर राज्य सरकार कोति ले सबो जरूरी मदद देहे जाही।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी सोच, माननीय अमित शाह के संकल्प अउ राज्य सरकार के मेहनत ले बस्तर आज डर अउ हिंसा ले निकल के बिसवास, विकास अउ नवा मऊका कोति तेजी ले आगू बढ़त हे। उमन बिसवास जताइन के अवइया बखत म बस्तर एक विकसित, सांत अउ समृद्ध इलाका के रूप म देस के आगू नवा पहिचान बनाही।
मुख्यधारा कोति लहुटत बिसवास: दक्खिन बस्तर म 51 माओवादी कैडर मन के आत्मसमर्पण, सांति अउ विकास के डहर म बड़का कदम – मुख्यमंत्री श्री साय
Naxal Surrender Bastar Chhattisgarh