दुर्ग/ जिला के जेवरा-सिरसा धान खरीदी केंद्र म आज एक ठन दिल खुश कर देवइया नजारा दिखे ल मिलिस। इहां धान खरीदी के काम बड़ तेजी ले चलत हे, फेर सिरसा खुर्द गाँव के किसान बिहारी राम साहू के कहानी ह सबो झन के मन मोह लीस।
का हे मामला?
1. बेटी मन के हाथ होही पींवरा:
53 साल के किसान बिहारी राम ह अपन सवा दू एकड़ खेत के 125 कट्टा धान लेके केंद्र पहुँचे रिहिस। उन बताइन के धान बेच के जे पइसा मिलही, वो पइसा ले उन अपन बेटी मन के बिहाव करहीं। उंखर कहना हे के “खेती ही हमर सहारा हे, साल भर हम इही दिन के रद्दा देखथन ताकि घर के जरूरत अउ जिम्मेदारी ल पूरा कर सकन।”
2. बेटी मन कटाइन ऑनलाइन टोकन:
बिहारी राम ह बड़ गरब ले बताइन के उनला तो मोबाइल चलाय नई आवय, फेर उंखर पढ़े-लिखे बेटी मन मोबाइल एप ले घर बइठे ‘ऑनलाइन टोकन’ कटा दीन्। “अब सब काम ऑनलाइन होथे, देखव आज मैं टोकन लेके खड़े हौं,” बिहारी राम ह मुसकात कहिन।
3. 21 कुंटल म बंपर खरीदी:
बता दन के सरकार ह ए साल 21 कुंटल प्रति एकड़ के हिसाब ले धान खरीदत हे। जेवरा-सिरसा केंद्र म अब तक 10 हजार कुंटल धान के उठाव हो चुके हे। बारदाना भरना, तौलना अउ सिलाई करना—सब काम मशीन कस चलत हे, जेखर ले किसान मन ल जादा इंतज़ार नई करे ल परय।
बिहारी राम के ये कहानी बताथे के कइसे छत्तीसगढ़ के ‘धान’ सिरिफ फसल नो हे, भलुक किसान के घर के खुसी अउ उम्मीद के आधार हे।