मुंगेली, जिला के विकासखण्ड पथरिया के गांव मोहदी के रहवइया किसान श्री मूलचंद बंजारे ह जैविक खेती अपनाके न सिर्फ अपन फसल के गुणवत्ता अउ उत्पादन म बढ़ोतरी करे हे, भलुक अपन आर्थिक स्थिति ल घलो मजबूत करे हे। कृषि विभाग कोति ले चलाय जात राज्य पोषित जैविक खेती मिशन योजना ओखर बर बदलाव ला देहे हे।
श्री मूलचंद बंजारे करा कुल 1.224 हेक्टेयर खेती के जमीन हे। पहिली वो ह रासायनिक खेती करत रहिस, जेखर सेती फसल म कीरा अउ बेमारी के प्रकोप सरलग बने रहय अउ लागत जादा होय के बाद भी जइसे फायदा मिलना चाही, वइसे नइ मिल पावत रहिस। ये समस्या के समाधान बर ओमन कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री गेंदलाल पात्रे ले संपर्क करिन।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन म ओमन राज्य पोषित जैविक खेती मिशन के तहत हरी खाद सनई बीज के बोनी करके उन्नत अउ वैज्ञानिक तरीका ले खेती अपनाइन। एकर तहत प्रमाणित बीज के उपयोग, बीज उपचार, ट्रायकोडर्मा ले बीज शोधन, पी.एस.बी. कल्चर के प्रयोग अउ संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन करे गीस। संग म खेत के गर्मी म गहिर जोताई, समय म जिंक सल्फेट के उपयोग अउ गभोट अवस्था म हर एक एकड़ 02 किलो बोरान के छिड़काव घलो करे गीस। ये वैज्ञानिक अउ जैविक उपाय के बढ़िया परिणाम आगू आइस।
फसल म कीरा अउ बेमारी के प्रकोप कम होइस, उत्पादन के लागत घटिस अउ धान के फसल ले जतेक उत्पादन के लक्ष्य रहिस, ओला पा लीस। बढ़िया उपज अउ गुणवत्ता के सेती किसान के आमदानी म भारी बढ़ोतरी होइस, जेखर ले ओखर आर्थिक स्थिति म घलो सुधार आइस।
श्री मूलचंद बंजारे के कहना हे कि जैविक अउ वैज्ञानिक खेती न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हे, भलुक किसान मन बर लंबे समय म जादा फायदेमंद घलो हे। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन अउ योजना मन के सही उपयोग करके किसान अपन खेती ल फायदा के साधन बना सकत हे।
जैविक खेती ह बदलिस तस्वीर: मूलचंद बंजारे ह वैज्ञानिक तरीका अपनाके बढ़ाइस उत्पादन, कीरा-बेमारी ले मिलिस राहत

