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कोनो मरीज या अस्पताल ल नइ बांटे गए हे गुणवत्ताहीन कैल्शियम टैबलेट

Quality Low Calcium Vitamin D3 Tablets 500mg

प्रारंभिक जांच म ही पकड़े गीस खराबी, तुरंत बैच म लगाए गीस रोक
रायपुर, गुणवत्ताहीन कैल्शियम के गोली कोनो मरीज या अस्पताल ल नइ बांटे गए हे। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स के खराबी वेयरहाऊस के कर्मी मन ह प्रारंभिक जांच म ही पकड़ लेहे रहिन। कर्मी मन ह ए टैबलेट्स के स्ट्रिप्स ले बाहिर निकालतेच टूटे के जानकारी वरिष्ठ अधिकारी, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग अऊ मुख्यालय ल देहे रहिन। अही सूचना म ए टैबलेट्स के बैच ल तुरंत ब्लॉक कर दे गए रहिस अऊ सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि ल स्पष्टीकरण बर बलाए गए रहिस। स्ट्रिप्स ले निकालतेच टूटइया कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स ल कोनो मरीज ल नइ देहे गए हे न ही ए टैबलेट्स ल कोनो अस्पताल म भेजे गए हे।
सीजीएमएससी ले मिले जानकारी के मुताबिक कैल्शियम विटामिन डी 3 के 500 मिली ग्राम के टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड कोति ले सप्लाई करे गए रहिस। कुल 65 बॉक्स म 65 सौ यूनिट के ये खेफ कोरबा वेयरहाऊस ले मिले रहिस। टेबलेट्स के प्राप्त होतेच वेयरहाऊस म ही कर्मी मन ह एकर प्रारंभिक परीक्षण करे रहिन। परीक्षण म पाए गीस के टेबलेटस स्ट्रिप्स ले बाहिर निकालतेच टूटत हे। कर्मी मन ह एखर सूचना तुरंते सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग ल दीन अऊ ए गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरा बैच ल ब्लॉक करिन। सीजीएमएससी ह बताइस के ए खेप के अभी तक कोनो मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नइ करे गए हे। सीजीएमएससी के नीति के मुताबिक कोनो दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी म सामिल करे जाए न कोनो संस्था ल बांटे जाए। अइसन म गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स ल न कोनो मरीज ल देहे गए हे न ही कोनो सरकारी अस्पताल म पहुंचाए गए हे। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड ल उपस्थित होके सैंपल प्रस्तुत करे अऊ स्पष्टीकरण देहे के निर्देश देहे गए हे। एखर संगेच प्रदायकर्ता संस्था ल खराब बैच वाले दवा मन ल बदलके नवा दवइ देहे के घलोक निर्देश देहे गए हे। सप्लायर कोति ले टेंडर शर्त मन के मुताबिक उचित कार्यवाही नइ करे म दंडात्मक कार्रवाई करे के चेतावनी घलोक सीजीएमएससी ह देहे हे।
सीजीएमएससी ह छत्तीसगढ़ वासी मन ल भरोसा देवाए हे के राज्य म दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क हे बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था घलोक पूरा मजबूत हे। दवा के सप्लाई होतेच सबले पहिली वेयर हाऊस म ही हरेक बैच के निरीक्षण-परीक्षण होथे। सबो दवा मन के परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैब मन म कराए जाथे। सीजीएमएससी ह ये घलोक बताइस के जनता ल केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराए जाथे। गुणवत्ताहीन पाए जाय म दोषपूर्ण बैच ल तुरंत रोकके एकर वितरण प्रतिबंधित करे जाथे। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी ले कार्रवाई करे जाथे।

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