हांका – Chhattisgarhi News

मिलीस पक्‍का छत के सुकून: प्रधानमंत्री आवास योजना ले गणेशी पैकरा के जीवन म आइस बदलाव

Prime Minister Housing Scheme

रायगढ़, जिला के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केराबहार रहवइया श्रीमती गणेशी पैकरा के परिवार कइ बछर ले एक कच्चा अऊ जर्जर मकान म रहत रहिस। हर बरसात वोखर बर एक नवा चुनौती लेके आत रहिस। चूहत छत अऊ ओदरत भिथिया मन ह वोला अउ वोकर परिवार ल डेरुवावय अउ इही ह वोकर जीवन के हिस्सा बन गए रहिस हे। फेर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मिले पक्‍का घर ह वोखर जीवन के दिशा ही बदल दीस।
गणेशी पैकरा ल प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर बनवा बर 1.20 लाख रूपिया के स्वीकृति प्राप्त होइस। संगे, मनरेगा के अंतर्गत ओ मन ल 90 दिन के मजदूरी स्वरूप 21,690 रूपिया के अकतहा मजदूरी घलोक प्राप्त होइस। वो सोच-समझके संसाधन मन के सदुपयोग करिस अऊ एक मजबूत, सुरक्षित अऊ सुसज्जित पक्का मकान तैयार करिस।
श्रीमती पैकरा कहत हे के आज हमार तिर अपन पक्का घर हे, जेमां बरसा, घाम अऊ जाड़ ले कोनो डर नइ हे। लइका मन के सुरक्षा ल लेके हमर चिंता हर हमेसा रहय, वो अब खतम हो गे हे। अब हम चैन के नींद सोथन। उमन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अऊ जिला प्रशासन के आभार जताए हें जे ह ऊंखर जीवन ल गरिमामय अऊ सुरक्षित बनाय हे।
जानबा हे के रायगढ़ जिला म प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन एक अनुकरणीय मिसाल बन गए हे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के अगुवई अऊ जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन म जिला ह साल 2024-25 म स्वीकृत आवास मन म ले सबले पहिली 25,000 मकान के निर्माण पूरा करे प्रदेश म अउव्‍वल जगा पाए हे। ये उपलब्धि न केवल आवासहीन परिवार मन ल छत देहे के काम करत हे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था ल घलोक गति देवत हे।
स्व-सहायता समूह मन के महिला मन घलोक ए योजना ले सशक्त होवत हें। कई गांव मन म सेटरिंग प्लेट निर्माण जइसे काम मन म महिला मन के भागीदारी बाढ़े हे, जेखर से ओ मन आत्मनिर्भर बनत हें अऊ “लखपति दीदी” बने के दिशा म सफलतापूर्वक कदम बढ़ावत हें। प्रधानमंत्री आवास योजना अब सिरिफ एक योजना भर नइ हे, बल्कि ये गांव वाले मन बर सम्मान, सुरक्षा अऊ आत्मबल के चिनहारी बन गे हे। गणेशी पैकरा के कहानी हजारों आन परिवार मन बर प्रेरणा के स्रोत हे, जेन ये बताथे के जब योजना मन के लाभ सही पात्र मन तक पारदर्शी ढंग ले पहुँचथे, त ऊंखर जीवन म सही बदलाव संभव होथे।

Exit mobile version