दंतेवाड़ा / जिला के घना जंगल के बीच बसे अरनपुर गांव के भीमा कश्यप (पिता जोगा) के सपना अब सच हो गे हे। कभू टूटे-फुटे कच्चा कुरिया म रहइया भीमा के परिवार अब पक्का मकान म “राजा” कस रहत हे। ये सब संभव होइस हे ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के सेती।
का-का रिहिस परेशानी?
कुआकोंडा ब्लॉक के भीमा बताथे के पहिली ओखर घर के हालत बहुत खराब रिहिस।
बरसात म: छानी ले पानी टपकय।
जाड़ म: ठंडा हवा ले बांचे बर टाट-प्लास्टिक लगाय ल पड़य।
पइसा के कमी के कारण पक्का घर बनाय के सपना, सपना ही रिहिस।
सरकार दीस सहारा:
जब प्रधानमंत्री आवास योजना म भीमा के नाम आइस, त जानो ओखर भाग खुल गे। क़िस्त के पइसा मिलिस अउ भीमा ह खुद मेहनत करके ईंटा-सीमेंट के मजबूत घर खड़ा कर दीस। अब न पानी के डर हे, न आंधी-तूफान के। लइका मन अब निचिंत होके घर म पढ़-लिख सकत हें।
कलेक्टर साहब खुद पहुंचिन घर:
हाले म दंतेवाड़ा कलेक्टर ह अरनपुर म भीमा के नवा घर देखे बर पहुंचिन। घर के मजबूती देख के वो खुस होइन। भीमा ह बताइस के “साहब, आखिरी क़िस्त मिलना बाकी हे।” एखर ऊपर कलेक्टर ह भरोसा देवाइन के पइसा जल्दी खाता म आ जाही। संगेच, राशन-पानी घलो टाइम प मिलत हे।
आज भीमा अपन अंगना म ठाड़ होके कहिथे- “ये सिरिफ घर नो हे, ये हमर मान-सम्मान आय। सरकार हमर जिनगी संवार दीस।”