निजी परकोलेशन टैंक ले बाढि़स पैदावार, शुरू होइस सब्जी अउ मछली पालन
कोरिया, सोनहत विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अकलासरई के पंजीकृत श्रमिक आनंद पिता जगरूप के जीवन मनरेगा के निजी परकोलेशन टैंक के निर्माण ले पूरा बदल गए हे। पहिली वर्षा आधारित खेती अऊ अकुशल श्रम उपर आश्रित रहइया ये किसान परिवार आज कृषि, सब्जी उत्पादन अऊ मत्स्य पालन ले आत्मनिर्भर हो चुके हे।
पहिली सिंचाई साधन नइ होए ले सीमित रहिस उपज
आनंद तीर कुल 4 एकड़ जमीन हे, फेर सिंचाई के साधन नइ होए के सेती ओ परंपरागत धान के खेती तक ही सीमित रहिस। पानी के कमी के कारन उत्पादन अड़बड़ कम होत रहिस, जेखर से परिवार खातिर खाद्यान्न जुटाना घलोक चुनौती रहिस। मनरेगा म मिलइया अकुशल श्रम ही उंखर आय के मुख्य स्रोत रहिस।
परकोलेशन टैंक ह देखाइस नवा रद्दा
मनरेगा के तहत निजी परकोलेशन टैंक (डबरी) निर्माण के बाद वोखर ढाई एकड़ खेत मन म धान के बंपर पैदावार होए लगे हे। अब ओ मछली पालन घलोक करत हे, जेन आय के अकतहा स्रोत बन गए हे। सब्जी अऊ दलहन उत्पादन ले परिवार के आर्थिक स्थिति सरलग बेहतर होवत हे।
रबी फसल मन ले बाढि़स भरोसा
आनंद ह खरीफ के सफल फसल के बाद अब एक एकड़ जमीन म अरहर, मटर, सरसों, टमाटर अऊ आलू जइसे रबी फसल मन के बोवाई करे हे। मेहनत अऊ सिंचाई सुविधा के भरोसे ओ ल बनेच आमदनी के भरोसा हे।
काम के विवरण
अकलासरई, जनपद पंचायत सोनहत, जिला कोरिया के हितग्राही आनंद पिता जगरूप ह अपन जमीन म निजी परकोलेशन टैंक के निर्माण कराए हे। एखर पहिली ए काम के 1,99,000 रुपिया के प्रशासकीय स्वीकृति 21 दिसंबर 2024 के मिले रहिस।

