कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र सलका म सौंफ बीज के उत्पादन कार्यक्रम : पहाड़ी क्षेत्र मन म मसाला वाले फसल के बीज उत्पादन रकबा बढ़ाए के अनूठा पहल

रायपुर, 12 मार्च 2020। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली कोति ले पोषित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधीन कृषि विज्ञान केन्द्र, कोरिया प्रक्षेत्र सलका म सौंफ के बीज उत्पादन कार्यक्रम शुरू करे गए हे। कोरिया जिला के कृषि विज्ञान केन्द्र प्रक्षेत्र सलका म उन्नत किसिम के सौंफ बीज उत्पादन बर 8 एकड़ रकबा म अजमेर सौंफ-2 के रोपण करे गए हे।

अजमेर सौंफ-2 के पौधा बड़का अऊ बिना डारा के होथे जेमा बड़े आकार के पुष्पछत्रक होथे। एखर दाना बड़े होथे। ये किसिम 180 ले 190 दिन म पक के तियार हो जाथे। एखर औसत उपज क्षमता 15 ले 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हे। ये किसिम म रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता घलोक जादा हे। ये उन्नत किसिम के विकास राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केन्द्र, अजमेर कोति ले करे गए हे। छत्तीसगढ़ के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र मन म मसाला वाले फसल के बीज के रकबा बढ़ाए बर ये अपन आप म पहला अऊ अनूठा पहल हे। सौंफ ले तियार अनुमानित बीज 2-3 क्विंटल ल कृषक मन के प्रक्षेत्र म 40-50 हेक्टेयर क्षेत्र म अग्रिम रेखा प्रदर्शन म रबी 2020-21 म लगाए जाही।

हम आप ल बता देवन के सौंफ मसाला के एक प्रमुख फसल ये। सौंफ के व्यवसायिक रूप ले खेती गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, पंजाब अऊ हरियाणा म करे जाथे। सौंफ के उपयोग अचार बनाए म अऊ साग म खुशबू अऊ जायका बढ़ाए म करे जाथे। एखर अलावा एकर उपयोग औषधि के रूप मे पाचन तंत्र सुधार बर करे जाथे।

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