रणनीतिक संचार अउ एआई ले जनसंपर्क ल मिलही नवा आयाम

जनसंपर्क विभाग के अधिकारी मन बर दू दिन के राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के आयोजन
आधुनिक तकनीक अउ टूल्स ले अपन जिम्मेदारी मन ल अउ प्रभावी ढंग ले निभा सकही जनसंपर्क अधिकारी – श्री पंकज झा

रायपुर, बदलत मीडिया परिदृश्य म प्रभावी, विश्वसनीय अउ समयबद्ध संचार आज जनसंपर्क के सबले बड़े चुनौती हरे। इही नजरिया ले आयोजित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी मन के दू दिन के राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के दूसरइया दिन आज रणनीतिक संचार, प्रशासनिक भूमिका अउ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग ऊपर बड़का अउ गहिर मंथन करे गीस। कार्यशाला म अधिकारी मन प्रशिक्षण दे बर आय विशेषज्ञ मन ले सवाल-जवाब के माध्यम ले अपन जिज्ञासा अउ शंका मन के समाधान घलो करिन्। जनसंपर्क विभाग के सबो जिला कार्यालय मन म पदस्थ अउ संचालनालय के अधिकारी कार्यशाला म शामिल होईन्।
कार्यशाला के समापन सत्र ल संबोधित करत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ह जनसंपर्क अधिकारी मन के मीडिया ले गहरा संबंध स्थापित करे ऊपर जोर दीन्। उमन कार्यशाला ल भारी उपयोगी अउ समय के हिसाब ले सही बतावत उम्मीद जताईन् के ए व्यावहारिक प्रशिक्षण सबो अधिकारी मन के पेशेवर दक्षता बढ़ाही। वो आधुनिक तकनीक अउ टूल्स के संग जनसंपर्क के जिम्मेदारी मन ल अउ प्रभावी ढंग ले निभा सकही। उमन विभाग के अधिकारी मन के दक्षता बढ़ाय बर अइसन प्रशिक्षण नियमित रूप ले आयोजित करे के सुझाव दीन्।
कार्यशाला के दूसरइया दिन आज पहली सत्र म ‘आज की जनधारा’ समाचार पत्र के संपादक अउ जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अपर संचालक श्री सुभाष मिश्रा ह रेस (RACE) फार्मूला के माध्यम ले जनसंपर्क म उभरत रुझान मन ऊपर विस्तार ले चर्चा करीन्। उमन शोध (Research), कार्य (Action), संचार (Communication) अउ मूल्यांकन (Evaluation) के जरिए प्रभावी जनसंपर्क के उपाय बताईन्। उमन बताईन् के प्रभावी जनसंपर्क सिरिफ सूचना प्रसारण नो हे, भलुक शोध आधारित योजना, सुविचारित कार्यान्वयन, स्पष्ट संवाद अउ लगातार मूल्यांकन के प्रक्रिया हरे। उमन कई उदाहरण देके बताईन् के ए मॉडल ल अपना के जनसंपर्क ल अउ जादा नतीजा देवइया बनाये जा सकत हे।
दूसर सत्र म ‘जनसंपर्क के चुनौती’ विषय ऊपर ‘समाचार पच्चीसा’ के संपादक अउ छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ह मीडिया के बदलत कार्यशैली, डिजिटल माध्यम मन के बढ़त भूमिका, फेक न्यूज अउ तुरंत अउ सही प्रतिक्रिया के चुनौती मन ऊपर चर्चा करीन्। उमन कहिन् के जनसंपर्क अधिकारी मन ल मीडिया संस्थान मन के उम्मीद ल समझत विश्वसनीय अउ संतुलित जानकारी उपलब्ध कराना चाही। आज के तीसरा सत्र म भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अउ लेखक श्री सुशील त्रिवेदी ह जनसंपर्क अधिकारी के गुण अउ प्रशासन म ओकर भूमिका ऊपर विस्तार ले मार्गदर्शन दीन्। उमन कहिन् के जनसंपर्क अधिकारी शासन अउ जनता के बीच बिस्वास के कड़ी होथें। उंकर भूमिका सिरिफ सूचना देहे तक सीमित नो हे, भलुक जनभावना मन ल समझके ओला प्रशासन तक पहुंचाना घलो ओतके महत्वपूर्ण हे।
अंतिम सत्र म वरिष्ठ पत्रकार श्री जोसेफ जॉन ह जनसंपर्क विभाग के काम मन म एआई के प्रभावी उपयोग के संभावना मन के विस्तृत जानकारी दीन्। उमन एआई टूल्स ले अच्छा नतीजा हासिल करे बर स्पष्ट प्राम्प्ट देहे के तकनीक, प्रॉम्प्ट्स के अलग-अलग प्रकार—जीरो शॉट ले लेके चेन-ऑफ-थॉट तक, बेसिक प्रॉम्प्ट ले कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग, एआई हैलुसिनेशन (गलत आउटपुट) के पहिचान अउ ह्यूमैन-इन-द-लूप (Human-in-the-Loop) के अनिवार्यता ऊपर चर्चा करीन्। उमन कुछ एआई टूल्स के व्यावहारिक प्रशिक्षण देहे के संग एकर माध्यम ले तुरंत अनुसंधान, कंटेंट रीपरपजिंग, तथ्य-जांच, विचार-मंथन अउ जनसंपर्क विभाग के रोज के काम मन ल सरल, तेज अउ अउ प्रभावी बनाये के तरीका मन के अभ्यास घलो कराईन्। कार्यशाला म अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव, श्रीमती हर्षा पौराणिक अउ श्री संतोष मौर्य सहित संचालनालय अउ जिला मन म पदस्थ अधिकारी मौजूद रिहिन्।

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