जैविक खाद बनाना, पीजीएस प्रमाणीकरण, पढ़ई-लिखई वाले शैक्षणिक भ्रमण अउ देहे जात हे आर्थिक मदद
जिला के जम्मो ग्राम पंचायत म चलत हे ‘खेत बचाओ अभियान’, 2 हजार ले जादा किसान मन ह जैविक खेती अपनाए बर दीन रजामंदी
रायगढ़, जिला म जैविक अउ प्राकृतिक खेती ला बढ़ावा देहे बर किसान मन ला तकनीकी सीख, खाद बनाए के जानकारी, पीजीएस (PGS) प्रमाणीकरण, शैक्षणिक भ्रमण अउ आर्थिक सहायता देहे जात हे। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अउ विभाग के अधिकारी मन गाँव-गाँव पहुँचके किसान मन ला अइसन खेती के तरीका सिखावत हें, जेकर ले भुँइया के ताकत घलो बाढ़य अउ उपज के गुन घलो अउ बढ़िया होवय। ए बदलाव ला मनखे मन के भागीदारी के रूप देहे बर कृषि विभाग कोति ले एक महीना तक जिला के जम्मो 549 ग्राम पंचायत मन म ’’खेत बचाओ अभियान’’ चलाए गीस। एकर तहत 930 किसान मन ह 337 हेक्टेयर क्षेत्र म प्राकृतिक खेती अउ 1126 किसान मन ह 429 हेक्टेयर क्षेत्र म जैविक खेती अपनाए के सहमति दीन। जैविक अउ प्राकृतिक खेती के सबले बड़का फायदा ये हे के एकर ले भुँइया के सेहत सुधरथे, रासायनिक खाद ऊपर खरचा घटथे, पानी के बचाव होथे अउ खवइया मन ला सुरक्षित अउ बढ़िया अनाज मिलथे।
कृषि विभाग के उप संचालक ह बताइस के कृषक उन्नति योजना के तहत जे किसान धान के बलदा म दलहन, तिलहन या आन खरीफ फसल मन ला अपनाही, ओमन ला प्रति एकड़ 15 हजार रूपया के आदान सहायता मिलिही। पहिली ले मक्का, रागी, कोदो, कुटकी, तिलहन, दलहन अउ कपास जइसे फसल लेवइया किसान मन ला घलो 10 हजार रूपया प्रति एकड़ के मदद मिलत रहिही। ओमन बताइस के बछर 2025-26 म जिला म 1000 हेक्टेयर क्षेत्र म पुरखा मन के तरीका ले खेती, 500 हेक्टेयर म प्राकृतिक खेती अउ 450 एकड़ म जैविक खेती करे गीस। उहें 1680 हेक्टेयर क्षेत्र म महमहइ धान अउ ताकत वाले मोटा अनाज के उपज ह किसान मन के कमाई के नवा अधार बनत हे। देवभोग अउ जवाफूल जइसे पुरखा मन के समे के धान के किसम मन अब सिरिफ पहिचान नोहे, भलुक किसान मन बर बढ़िया कमई के माध्यम घलो बनत हें। रागी, कोदो अउ आन मोटा अनाज मन के बढ़त मांग ह किसान मन ला ए बिस्वास देवाए हे के फसल बदल-बदल के बोए ले सिरिफ जोखिम कम नइ होवय, भलुक कमाई बढ़ाए के घलो बड़ मजबूत जरिया बन सकथे।

