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सायरा बानो बनिस आत्‍मनिर्भरता के मिसाल : दिव्यांग होय के बाद घलो ई-रिक्सा चलाके कमावत हे सनमान के जिनगी

Divyang Woman E-Rickshaw Driver Success Story

धमतरी, जिला के सायरा बानो ह ए बात ला सच कर देखाए हे के कहूं मन म पक्का इक्‍छसक्ति अउ आत्‍मसनमान के संग आगू बढ़े के जज्बा होवय, त मुस्किल ले मुस्किल स्थिति घलो सफलता के रद्दा ला नइ रोक सकय। सरीरिक दिव्यांगता अउ भारी गरीबी के बाद घलो सायरा बानो आज आत्‍मनिर्भरता के नवा मिसाल बनके आगू आइस हे।
सायरा बानो ह पहिली भारी आर्थिक तंगी म अपन जिनगी काटत रहिस। रोजगार नइ होय के सेती ओखर बर रोज के जरूरत मन ला पूरा करना घलो एक ठन बड़का चुनौती बन गे रहिस। अइसन बखत म ओहा हार माने के जगा आत्‍मनिर्भर बने के संकल्प लिस अउ रोजगार बर जिला प्रसासन ले मदद के गोहार लगाइस।
सायरा बानो के स्थिति अउ ओखर जज्बा ला देखत कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ह ओखर समस्या ला गंभीरता ले लीन अउ ओला ‘बड़ौदा आरसेटी’ धमतरी म ई-रिक्सा चलाय के ट्रेनिंग देवाये के बेवसथा करिन। ट्रेनिंग के बखत सायरा बानो ह पूरा लगन अउ मिहनत ले ई-रिक्सा चलाय के तरीका ला सीखिस। एखर संगे-संगे ओला स्‍व-रोजगार ले जुड़े जरूरी जानकारी अउ पुलिस विभाग कोती ले यातायात नियम मन के घलो जानकारी दे गिस।
ट्रेनिंग पूरा होय के बाद समाज कलयान विभाग अउ महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग ले ‘सक्षम प्रोजेक्ट’ के तहत सायरा बानो ला ई-रिक्सा दे गिस।
आज सायरा बानो धमतरी सहर म आत्‍मविस्वास के संग ई-रिक्सा चलाके अपन रोजी-रोटी कमावत हे। ए काम ले ओला हर दिन लगभग 300 ले 500 रूपया तक के आय होवत हे, जेखर से ओहा अपन जिनगी के जरूरत मन ला सनमान के संग पूरा कर पावत हे।
कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ह कहिन के सासन के अलग-अलग योजना मन के लक्‍छ जरूरतमंद मनखे मन ला आत्‍मनिर्भर बनाना आय। ओमन कहिन के कहूं हितग्राही पक्का संकल्प अउ मिहनत के संग आगू बढ़ही, त ओमन अपन जिनगी म बने बदलाव ला सकत हें।
सायरा बानो के ए सफलता के कहानी न सिर्फ दिव्यांग मन बर प्रेरणा आय, बल्कि समाज के हर ओ मनखे बर एक ठन संदेस आय के मुस्किल परिस्थिति कभू घलो आगू बढ़े के रद्दा म बाधा नइ बन सकय, यदि मनखे के भीतर आगू बढ़े के साहस अउ संकल्प होवय।

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