मुंगेली, पथरिया विकासखण्ड के गांव सांवतपुर के श्रीमती उषा जांगड़े स्वसहायता समूह ले जुड़के आत्मनिर्भर महिला उद्यमी बन गे हे। कभू कम आमदनी, घर के जिम्मेदारी अउ आर्थिक तंगी ले जुझत उषा जांगड़े आज आत्मविश्वास ले भरे एक सफल महिला उद्यमी हे, जे ह न सिरिफ अपन परिवार के सहारा बनिस हे, भलुक समाज के आने महिला मन बर घलो प्रेरणा स्रोत बन गे हे। स्वसहायता समूह ले जुड़े के पहिली श्रीमती उषा के आर्थिक स्थिति भारी कमजोर रिहिस। परिवार के रोज के जरूरत ल पूरा करना घलो कठिन रिहिस अउ कम आमदनी के कारण भविष्य ल लेके चिंता बने रहय। अइसन कठिन बेरा म स्वसहायता समूह ले जुड़ना ओखर जीवन म महत्वपूर्ण कदम साबित होइस।
समूह के नियमित बैठक, बचत के आदत अउ आपसी सहयोग ह ओखर मन म आर्थिक समझ बढ़ासि। समूह के माध्यम ले मिले ऋण (लोन) सुविधा ह ओला स्वरोजगार के दिशा म पहिली डेग बढ़ाये के मौका दिस। एही आत्मविश्वास के संग उमन सिलाई, कढ़ाई अउ हाथ ले बने समान (हस्तनिर्मित उत्पाद) के काम शुरू करिन। शुरू म ओखर महिना के आमदनी लगभग 04 हजार रूपिया रिहिस, फेर लगातार मेहनत, समान के क्वालिटी म सुधार अउ बाजार ले बने जुड़ाव के सेती ओखर आमदनी म भारी बढ़ोतरी होइस। स्वसहायता समूह के सहयोग ले ओला प्रशिक्षण, कच्चा माल अउ बाजार तक सीधा पहुँच मिलिस, जेकर ले ओखर समान के मांग लगातार बढ़ते चल दिस। आज श्रीमती उषा 50 ले 60 हजार रूपिया महीना तक के आमदनी कमावत हे।
ए आर्थिक सफलता के सीधा असर ओखर परिवार के रहन-सहन (जीवन स्तर) ऊपर पड़िस। लईका मन के पढ़ाई-लिखाई अब नियमित अउ बढ़िया हो सकिस हे, परिवार के खान-पान, सेहत अउ आने जरूरत मन आसानी ले पूरा होवत हे। वो अब परिवार के आर्थिक निर्णय मन म घलो बढ़-चढ़ के हिस्सा लेवत हे। आर्थिक रूप ले मजबूत होये के संग-संग सामाजिक रूप ले घलो ओखर मान-सम्मान बढ़े हे। आज वो गांव के आने महिला मन ल स्वसहायता समूह ले जुड़े, बचत करे अउ स्वरोजगार अपनाये बर प्रेरित करथे।