स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के अध्यक्षता म तीन दिन के क्षेत्रीय समीक्षा बैठक के शुभारंभ

2027 तक मलेरिया मुक्‍त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य ल ध्यान म रखत जरूरी स्वास्थ्य सेवा मन के विस्तार बर दीन निर्देश
रायपुर, 19 जनवरी 2024। स्वास्थ्य अउ कुटुंब कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ह काली मलेरिया उन्मूलन म तीन दिन के क्षेत्रीय संभागीय कार्यशाला के शुभारंभ करे गीस। पहिली दिन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मन अऊ ग्लोबल फंड्स सपोर्टेड सबो 10 राज्य मन के वरिष्ठ अधिकारी मन के संग बैठक करके छत्तीसगढ़ राज्य म विशेष रूप ले मलेरिया के मामला मन के समीक्षा करे गीस। रायपुर म आयोजित बैठक म संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य अउ परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार, श्री राजीव मांझी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छ.ग. शासन, श्री जगदीश सोनकर, संयुक्त सचिव श्रीमती विमला नावरिया (छत्तीसगढ़ शासन) डॉ. तनु जैन निदेशक, एनसीवीबीडीसी (भारत सरकार) डॉ. रिंकू शर्मा संयुक्त संचालक, एनसीवीबीडीसी (भारत सरकार) सलाहकार एनवीबीडीसी डॉ. सी. एस. अग्रवाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा के वरिष्ठ क्षेत्रीय संचालक के संग सबो 10 राज्य मन के (मलेरिया) कार्यक्रम अधिकारी व उंखर टीम समीक्षा बैठक म उपस्थित रहिन।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ह कहिन कि राज्य सरकार से मलेरिया उन्मूलन बर बेहतर काम करे जात हे। उमन बताइन कि 2015 म प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ह 2030 तक मलेरिया उन्मूलन बर जेन रोडमैप तैयार करे हें। ओ लक्ष्य प्राप्ति बर छत्तीसगढ़ राज्य सरलग प्रयासरत हे। साल 2015 म वार्षिक परजीवी सूचकांक 5.21 ले कम होके साल 2023 म 0.98 रिपोट करे गए हे। राज्य सरकार के संग ट्राईबल क्षेत्र मन म मलेरिया एक्शन प्लान के ऊपर घलोक काम करे जात हे, जेखर तहत प्रदेश म 2020 ले ‘मलेरिया मुक्‍त छत्तीसगढ़ अभियान‘ के संचालन करे जात हे। । बैठक म स्वास्थ्य मंत्री ह सबो 10 राज्य मन म मलेरिया के स्थिति के जानकारी के संग छत्तीसगढ़ म मलेरिया अपडेट स्थिति के समीक्षा करिन।
उमन बताइन कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता अउ मितानिन मन मलेरिया नियंत्रण के दिशा म बनेच काम करत हें। मलेरिया नियंत्रण बर उमन गुणवत्तापूर्ण माइक्रोस्कोपिक टेस्टिंग/आरडी टेस्ट बढ़ाए बर घलोक निर्देश दीन संगेच मलेरिया के मरीज मन के मृत्यु झन हो पाए ए बात म घलोक जोर दीन। मलेरिया प्रकरण मन ल गंभीरता ले लेत जल्दी जांच अउ उपचार के संग स्क्रीनिंग बढ़ाए के घलोक निर्देश संबंधित मन ल दीन।

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