हांका – Chhattisgarhi News

संवेदनशील सरकार के पहल ले सुकमा के मजदूर मन ल मिलिस नवा पहिचान

Rajmistri Training Sukma

सुकमा/ छत्तीसगढ़ सरकार के संवेदनशील, सब ल संग म लेके चलइया अउ जनकल्याणकारी सोच के असर अब दूरिहा अउ नक्सल प्रभावित क्षेत्र मन म घलो साफ-साफ दिखे लगे हे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अगुवइ म राज्य शासन के उद्देश्य सिरिफ योजना मन ल लागू करना नो हे, भलुक आम जनता के जीवन म सम्मानजनक बदलाव लाना हे। इही सोच के जीवंत उदाहरण सुकमा जिला म देखे बर मिलत हे, जिहां मनरेगा के अकुशल मजदूर अब कुशल राजमिस्त्री बनके आत्मनिर्भरता कोति कदम बढ़ावत हे।
जिला प्रशासन कोति ले पंचायत अउ ग्रामीण विकास विभाग के तालमेल ले ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम ले मनरेगा म पंजीकृत 30 मजदूर मन बर विशेष राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जात हे। ए प्रशिक्षण म ईंटा-जुड़ाई, भवन ले-आउट, प्लिंथ (नेव) ले छत (छानी) तक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण अउ काम के जगा म सुरक्षा जइसे महत्वपूर्ण विषय मन ऊपर व्यावहारिक जानकारी देहे जात हे।
ए पहल अइसन समय म शुरू करे गे हे जब सुकमा जिला म प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत साल 2024-26 बर 25,974 आवास स्वीकृत करे गे हे। कलेक्टर श्री अमित कुमार अउ जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन म शुरू ए प्रयास दुहरा उद्देश्य ल साधत हे। एक कोति स्थानीय स्तर म होसियार राजमिस्त्री मिलत हें, उहें दूसर कोति ग्रामीण मजदूर मन ल अपन गांव के तीर म ही सम्मानजनक रोजगार मिलत हे।
ए कौशल उन्नयन ले मजदूर मन के आमदनी म बढ़ोत्तरी होही अउ ओकर परिवार के जीवन स्तर बढ़िया होही। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना अउ कौशल विकास के ए त्रिवेणी संगम सुकमा जइसन दूरिहा जिला म आत्मनिर्भर भारत के नेव ल अउ मजबूत करत हे। राजमिस्त्री के प्रशिक्षण लेवत जैमेर गांव के चेतनलाल के कहना हे के ए सिरिफ ईंटा-गारा के काम नो हे, ए हमर स्वाभिमान अउ आत्मसम्मान के संग रोजगार पाय के गोठ हे। अब हमन ल काम बर दूसर ऊपर निर्भर नइ रहे ल परही अउ हमर आमदनी घलो पहिली ले जादा होही। अब हमन दूसर के घर बनाये के संगे-संग अपन सपना मन ल घलो सच करे म कामयाब होबो।

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