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बेमेतरा : सांकरा गौठान म 560 क्विंटल वर्मी खाद के होइस उत्पादन

Suraji Ganv Yojana Bemetara

बेमेतरा, सुराजी गांव योजना के नरवा गरुवा घुरुवा अऊ बाड़ी के संरक्षण अऊ संवर्धन बर जिला म विशेष प्रयास करे जात हे अऊ एखर सुग्‍घर परिणाम घलोक आगू आवत हे। ग्राम पंचायत सांकरा जनपद पंचायत बेरला ले करीबन छै सात कि.मी. दूरिहा रायपुर रोड म स्थित हे। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत बने सांकरा गौठान मुख्य मार्ग ले लगे हे। ये गौठान म एक आदर्श गौठान बर जरूरी जम्‍मो तत्व विद्यमान हे। इहां के करीबन 235 पशु पालक मन के 12929 पशु हे। ये गौठान मे 44 वर्मी टांका म ले 4 भरे हे। ये गौठान म करीबन 5 एकड़ रकबा म नेपियर घास लगाए गए हे, जेमां गौठान म चारो कोति हरियाली दिखथे। ये गौठान ल सुग्‍घर बनाए बर दू एकड़ म 700 रकम-रकम के पेड़ा के रोपण करे गए हे।
मुख्य मार्ग ले नहकत ये गौठान के हरियाली मन ल मोह लेथे। एला एक आदर्श गौठान के रूप म विकसित करे गए हे जेन ल कलेक्टर बेमेतरा ह गोद लेहे हे, जेखर से एखर पूरा विकास के रद्दा परखर होए हे। एखर पूरा विकास बर एक काम योजना तियार करे गए हे। ये काम योजना के पूरा होए के बाद ये गौठान पूरा बेमेतरा जिला के सबले बढि़या अऊ आदर्श गौठान सह मल्टी क्वालिटी सेंटर बन जाही।
सांकरा ग्राम पंचायत म बिहान योजना के अंतर्गत कुल बारा समूह काम करत हे। ए समूह मन म ले गौठान म जुड़े समूह मुख्य रूप ले महिला विकास स्व-सहायता समूह संघर्ष महिला स्व-सहायता समूह, जय मां बंजारी स्व-सहायता समूह, जय मां बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह, अऊ समृद्धि स्व-सहायता समूह जुडे हे। महिला विकास स्व सहायता समूह गोबर ले वर्मी कम्पोस्ट के काम करत हे। ये गौठान म ही अपन काम करथे। ये काम के अलावा ये समूह फिनाईल के घलोक निर्माण करथे। संघर्ष महिला स्व सहायता समूह फेब्रिक वर्क के काम पूरा क्षमता के संग करत हे, जय मां बंजारी स्व-सहायता समूह गौठान के चारागाह म बाड़ी के विकास के काम करत हे, अऊ मां बमलेश्वरी स्व-सहायता समूह भेंड़ पालन के काम करत हे। गौठान ले जुड़े समृद्धि स्व सहयता समूह हैण्डीकाफ्ट के काम करत हे। ये सब्बो समूह परोक्ष रूप ले गौठान ले जुडे़ हे अऊ मल्टी एक्टिविटी सेण्टर के रूप म विकसित होए म अपन पूरा योगदान देवत हे। सांकरा गौठान म 1873 क्विंटल के करीबन गोबर क्रय करे गए हे। ये मां 560.10 क्विंटल वर्मी खाद के उत्पादन होए हे, जेमां ले 455.50 क्विंटल वर्मी खाद बेचे गए हे। अभी हाल म 104 क्विंटल के करीबन वर्मी खाद बांचे हे। आज ये गौठान ले जुड़े ये समूह मन अपन पांव म खड़े होए के दिशा म आगू बढ़त हें। ऊंखर चेहरा म सफलता के आभा देखे जा सकत हे। समूह के बहिनी मन उत्साहित होके कहिथें कि ओ मन भविष्य म अऊ समूह ल जोड़के मुर्गी पालन, अगरबती निर्माण, मशरूम उत्पादान अऊ फल निर्माण जइसे गतिविधि मन ले जोडके ये गौठान ल एक अनुकारणीय आदर्श गौठान बनाए के दिशा म आगू बढ़त हन।

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