किसान मन बर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के बड़का पहल : ए महिना मिलही 60 हजार टन अकतहा यूरिया

चालू खरीफ सीजन म अब तक 6.39 लाख टन यूरिया बांटे गीस, पउर साल इही अवधि म बांटे गए रहिस 6.17 लाख टन यूरिया
राज्य म यूरिया अऊ आन रासायनिक खाद भरपूर मात्रा म उपलब्ध, किसान मन के मांग म केंद्र सरकार ह स्वीकृत करिस अकतहा आबंटन
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल म किसान मन के हित म एक बड़का राहत मिलत हे। भारत सरकार ह छत्तीसगढ़ बर 60 हजार टन अकतहा यूरिया के आबंटन स्वीकृत करे हे। ये मां सितमबर महिना के पहिली हफ्ता म 20 हजार टन, दूसर हफ्ता म 35 हजार टन अऊ बांचे 5 हजार टन के आपूर्ति महिना के आखरी तक ठउका करे जाही। मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के किसान मन के हर जरूरत म राज्य सरकार संवेदनशील हे अऊ ये अकतहा आबंटन उंखर खरीफ फसल मन ल सुरक्षित रखे म सहायक होही।
मार्कफेड अधिकारी मन ह बताइन के चालू खरीफ सीजन बर 28 अगस्त के स्थिति म सहकारी क्षेत्र म 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन अऊ निजी क्षेत्र म 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, ए प्रकार ले कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया के भंडारण करे गए हे। एखर विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसान मन ल बांटे जा चुके हे। ये मां 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र अऊ 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र ल बांटे गए हे। ये आँकड़ा पाछू साल के इही अवधि म बांटे गए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन ले जादा हे, जेन ए पइत के बेहतर आपूर्ति व्यवस्था के प्रमाण हे।
प्रदेश म किसान मन के बर नैनो खाद के घलोक भरपूर व्यवस्था करे गए हे। सहकारी क्षेत्र म 1 लाख 78 हजार 919 अऊ निजी क्षेत्र म 1 लाख 12 हजार 140, ए प्रकार ले कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया के भंडारण होय हे। अइसनहे सहकारी क्षेत्र म 1 लाख 58 हजार 809 अऊ निजी क्षेत्र म 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित करे गए हे। अब तक किसान मन ल 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया अऊ 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी बांटे गए हे।
प्रदेश म चालू खरीफ सीजन बर भारत सरकार ह 14.62 लाख टन रासायनिक खाद के लक्ष्य निरधारित करे हे। एखर विरुद्ध सहकारी अऊ निजी क्षेत्र मन म 15.64 लाख टन के भंडारण कर ले गए हे। भंडारण के आधार म किसान मन ल अब तक 13.19 लाख टन खाद बांटे गए हे। ये व्यवस्था बताथे के समिति मन अऊ निजी क्षेत्र मन म भरपूर मात्रा म उर्वरक उपलब्ध हे अऊ किसान मन ल कोनो प्रकार के कठिनाई नइ होवय।

लउछरहा..