पक्का घर, रोजगार अउ सम्मान: मड़कम भीमा की प्रेरक कहानी
सुकमा, जिला म शासन के पुनर्वास नीति अउ जनकल्याणकारी योजना मन के सकारात्मक असर अब साफ-साफ दिखे लग गे हे। कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पोलमपल्ली के रहइया मड़कम भीमा के कहानी ए बदलाव के जीयत-जागत उदाहरण आय, जेन हा हिंसा अउ डर के रस्ता ला छोड़ के विकास अउ लोकतंत्र के मुख्यधारा ला अपनाइस। जिला प्रशासन, सुरक्षा बल अउ शासन के मिले-जुले प्रयास हा ओला समाज म मान-सम्मान के संग फेर बसाए के मौका दीस।
मुख्यधारा म लहुटे के बाद जिला प्रशासन हा मड़कम भीमा ला शासन के अलग-अलग योजना मन से जोड़ के ओकर जिनगी ला नवा रस्ता देखाए हे। पंचायत अउ ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ले मिले आर्थिक मदद से ओकर पक्का मकान बनके तैयार हो गए हे, जेन हा ओकर परिवार ला सुरक्षित अउ सम्मानजनक जिनगी के अधार दीस। ए उदीम हा सिर्फ एक ठन घर देहे तक सीमित नइ रहिस, भलुक ओकर जिनगी म थिरता अउ बिसवास के नवा भाव घलो लेके आइस।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाए बर प्रशासन डहर ले ओला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से जोड़े गीस। गॉव के विकास काम मन म बढ़-चढ़ के हिस्सा लेवत ओमन सम्मानजनक मजदूरी कमाइन, जेन पइसा सीधा ओकर बैंक खाता म पहूँचिस। एकर से न केवल ओकर आर्थिक हालत मजबूत होइस, बल्कि आत्मविश्वास अउ स्वाभिमान के संग आगू बढ़े के नवा प्रेरणा घलो मिलीस।
मड़कम भीमा के सफलता के ए कहानी हा बताथे के सुकमा जिला प्रशासन के संवेदनसील पहल, असरदार पुनर्वास नीति अउ जनकल्याणकारी योजना मन के लाभ समाज के मुख्यधारा म लहुटइया मनखे मन के जिनगी म असल बदलाव लावत हे। ए उदाहरण जिला के युवा मन बर एक सकारात्मक संदेस आय के विकास, सिच्छा अउ आत्मनिर्भरता के रस्ता उज्ज्वल भविष्य कोति ले जाथे अउ शासन हर कदम म उंकर मन के संग ठाढ़े हे।

