एक ठन ‘डबरी’ ह बदल दीस रमेश के तकदीर! अब खेत म उपजथे सोना, जानव कइसे होइस ये चमत्कार

रायगढ़ / जिला के रेगड़ा गाँव के किसान रमेश के कहानी सब बर एक मिसाल बन गे हे। वन अधिकार पट्टाधारी रमेश पहिली सिरिफ बरसा के पानी के भरोसा खेती करत रिहिस, जेखर से घर के खर्चा चलाना मुस्किल रिहिस। फेर, महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) योजना ह वोखर जिनगी म उजियारा ला दीस।

पथरा फोर के बनाइस डबरी:
रमेश के खेत म डबरी बनाना आसान नई रिहिस, काबर के उहां के जमीन म पथरा अउ कड़ा माटी रिहिस। फेर, तकनीकी सहायक अउ रोजगार सहायक के मदद ले उहां डबरी खनाय गिस। ए काम म गाँव के लोगन ल 652 मानव दिवस के रोजगार घलो मिलिस।

अब खेत म लहलहावत हे फसल:
डबरी बने के बाद रमेश ल बारो महीना पानी मिले लगिस। अब वो अपन खेत म सिरिफ धान न ही, भलुक मुंगफली, तरबूज, केला अउ साग-भाजी घलो उपजावत हे। एखर अलावा, डबरी म मछली पालन करके वो अलग से कमाई करत हे।

गाँव बर बन गे मिसाल:
रमेश ह बताथे के पहिली हर मौसम म डर लागय, फेर अब डबरी ले स्थायी कमाई होवत हे। आज रमेश अउ वोखर परिवार खुसहाल हे अउ पूरा गाँव बर प्रेरणा बन गे हे।

लउछरहा..