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अपन बेटा के हैरी पाटर के किताब के सउंख के माध्यम ले प्रमुख सचिव ह बताईन कइसे समृद्ध लाइब्रेरी गढ़ सकत हे छात्र मन के भविष्य

-इंग्लिश घलोक पढ़ाबो, छत्तीसगढ़ी घलोक पढ़ाबो, शिक्षा के गुणवत्ता सबले अहम – स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ह दुर्ग जिला के नगरीय निकाय मन के स्कूल मन के करिन भ्रमण, स्कूल मन म इंफ्रास्ट्रक्चर के गुणवत्ता ल सहराइन, अगले सत्र म कुछ स्कूल मन म अंगरेजी माध्यम ले पढ़ाई चालू कराए के दीन जानकारी

दुर्ग 12 मार्च 2020। जिला के नगरीय निकाय के स्कूल मन म भ्रमण बर आए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ह अगले सत्र के तैयारी मन के समीक्षा करिन। एमां स्कूल मन म लैब संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर, समृद्ध लाइब्रेरी अऊ चुनिंदा स्कूल मन म इंग्लिश मीडियम ले कक्षा सुरू करे के तैयारी मन के समीक्षा सामिल रहिस। डॉ. शुक्ला ह कहिन कि लइका मन ल पढ़ाई रुचिकर लगय, एखर से ओ मन ल जोड़े पढ़े के आदत कराना बहुत जरूरी हे। ये पढ़ई कोर्स के पुस्तक मन के संगेच लिट्रेचर ले घलोक हो सकत हे। ये दौरान कलेक्टर श्री अंकित आनंद ह अवइया सत्र के तैयारी मन के जानकारी प्रमुख सचिव ल दीन। प्रमुख सचिव ह जनप्रतिनिधि मन ले घलोक ये संबंध म चर्चा करिन। ये दौरान भिलाई विधायक अऊ महापौर श्री देवेंद्र यादव, भिलाई चरौदा महापौर श्रीमती चंद्रकांता मांडले, कुम्हारी नपाध्यक्ष श्री राजेश्वर सोनकर संग आन जनप्रतिनिधि उपस्थित रहिन। ये दौरान भिलाई नगर निगम कमिश्नर श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर श्री गजेंद्र ठाकुर संग आन अधिकारी घलोक उपस्थित रहिन।

अपन बेटा के उदाहरण ले समझाईन बात– डॉ. शुक्ला ह बताइन के राज्य गठन के समय ओखर बेटा कक्षा छठवीं म रहिस अऊ पढ़ाई के पुस्तक मन म ओखर मन कम लगत रहिस। एक दिन ओला हैरी पॉटर के पुस्तक लाके देहे गीस, ओला पढ़े के अइसन सउंख लागिस के फेर ओ ह खूब पढ़ाई करिस। अइसनहे समृद्ध लाइब्रेरी लइका मन के पढ़ाई के दिशा ल काफी हद तक तियार करथे। लाइब्रेरी म कांपिटिशन के किताब मन के संगेच प्रेमचंद घलोक होना चाही ताकि ओमां संवेदनशीलता घलोक होवय अऊ आगू बढ़े बर साहित्य ले मिले समृद्धि घलोक लइका मन तक पहुंच सकय। इंग्लिश मीडियम कक्षा सुरू करे के संगेच लइका मन ल अंगरेजी सिखाए बर साहित्यिक किताब बहुत काम के हो सकत हे। कहूं लाइब्रेरी म शेक्सपीयर होही, आर.के. नारायण होही, लइका मन के रुचि के मुताबिक आन लेखक मन के रचना होही त लइका मन म पढ़े के सउंख बाढ़ही अऊ ये उंखर भविष्य गढ़ही।

उमन कुम्हारी अऊ जंजगिरी के स्कूल मन म लाइब्रेरियन के नियुक्ति के संगेच कैटलागिंग करे के हुकुम घलोक दीन। कलेक्टर श्री अंकित आनंद ह कहिन के एखर से लाइब्रेरी के उपादेयता घलोक बाढ़ही अऊ पता चल सकही के कोन प्रकार के किताब लइका मन पसंद करथें।

अब थ्योरी होही, फेर प्रैक्टिकल– प्रमुख सचिव ह कहिन कि अक्सर ये देखे गए हे के प्रैक्टिकल के कक्षा नवंबर के बाद शुरू होथे। थ्योरी के तुरंते बाद ओखर से संबंधित प्रैक्टिकल करे ले पढ़ईया लईका मन के वैज्ञानिक समझ बेहतर तरीका ले विकसित होथे। उमन कहिन कि जइसनचे थ्योरी ले संबंधित विसय खतम होवय, एखर तुरंते बाद प्रैक्टिकल हो जाय। प्रैक्टिकल लैब बहुतेच जरूरी हे जिहां छात्र मन के संख्या के अनुपात म लैब बने नइ हे उहां ओकर विस्तार करे जा सकत हे।

इंग्लिश घलोक पढ़ाबो, छत्तीसगढ़ी अऊ हिंदी घलोक– प्रमुख सचिव ह कहिन कि हमार बर शिक्षा के गुणवत्ता सबले जरूरी हे। कोनो हिंदी मीडियम म घलोक पढ़ सकत हें अऊ कोनो इंग्लिश मीडियम म घलोक। जरूरी हे शिक्षा के गुणवत्ता, एखर बर हम काम करत हवन। अप्रेल म शिक्षक मन के प्रशिक्षण बर एक विशेष सत्र के आयोजन करे जाही।

छत्तीसगढ़ी के साहित्य घलोक बिकट समृद्ध हे, एला घलोक उपलब्ध कराबोन– प्रमुख सचिव ह कहिन कि छत्तीसगढ़ के साहित्य बिकट समृद्ध साहित्य हे। रतनपुर म रेवाराम जी ह खूब तमाशा लिखिन, तब ले बहुत अकन समृद्ध साहित्य छत्तीसगढ़ म लिखे गए हे। लइका मन ल एखर से घलोक परिचित कराए जाही।

अटल टिंकरिंग लैब के निरीक्षण:- प्रमुख सचिव ह अटल टिंकरिंग लैब के जांच घलोक करिन। इहां लइका मन ह सेन्सर ले चलइया मॉडल उमन ल देखाइन। उमन लइका मन के पहल ल कड़ सहराईन।

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