अखिल भारतीय बाघ गणना बर कोटा परियोजना मण्डल मा बिसेस प्रशिक्षण आयोजित

अखिल भारतीय बाघ गणना ला लेके कोटा परियोजना मण्डल मा निगम के अधिकारी अउ कर्मचारी मन बर एक बिसेस प्रशिक्षण कार्यक्रम रखे गे रहिस। एखर मकसद बाघ अउ आन वन्यजीव मन के गिनती के आधुनिक तरीका मन ला सिखाना रहिस।

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक के प्रेरणा अउ क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन मा ‘अखिल भारतीय बाघ गणना’ ले जुड़े एक बिसेस प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल डहार ले आयोजित करिस। ये प्रशिक्षण बीते दिन शिवतराई बिस्राम गृह मा निगम के अधिकारी अउ कर्मचारी मन बर रखे गे रहिस।
ये प्रशिक्षण के मुख्य उदेस्य बाघ मन के संख्या के वैज्ञानिक तरीका ले गिनती, ओमन के रहे के ठउर अउ गतिविधि के पहिचान, अउ इलाका मा पाय जाय वाला आन मांसाहारी अउ साकाहारी वन्यप्राणी मन के गिनती के नवा तरीका मन ला सिखाना रहिस। प्रशिक्षण के बखत जानकर मन ह बाघ मन के पहिचान, पगमार्क, मल अउ खरोंच के निसान ले ओमन के मौजूदगी के पुस्टी करना, कैमरा ट्रैप तकनीक के सही उपयोग, अउ फील्ड डाटा बटोरना अउ निगरानी के आधुनिक तरीका मन के जानकारी दीन। संग मा हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर बरोबर साकाहारी अउ तेंदुआ बरोबर मांसाहारी वन्यजीव मन के गिनती के वैज्ञानिक तरीका मन के बारे मा घलो बताइन।
प्रशिक्षण मा ये घलो समझाय गीस के बटोरे गे आँकड़ा मन के जांच ले बाघ मन के सही संख्या, ओमन के सिकार बर जीव मन के उपलब्धता अउ वन्यजीव संरक्षण के हाल के पता कइसे लगाय जाथे। एखर ले वन अधिकारी मन ला संरक्षण के योजना अउ रणनीति बनाय मा मदद मिलही। ये बात जानबा हे के ए प्रशिक्षण ले बाघ मन के बचाव ला मजबूती मिलही, अवैध सिकार मा रोक लागी अउ वन्यजीव प्रबंधन मा सुधार होही। ए कार्यक्रम मा मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक अउ चौकीदार मन सामिल रहिन। ये प्रशिक्षण बाघ संरक्षण अउ वन्यजीव प्रबंधन के दिसा मा एक बड़े अउ उपयोगी कदम साबित होही।

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