मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, छत्तीसगढ़ शासन कोति ले खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 मं लागू करे गे तकनीक आधारित डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था आज सिरिफ एक सरकारी योजना न ही, भलुक किसान मन के भरोसा के मजबूत आधार बन चुके हे। ए व्यवस्था जमीनी स्तर मं कतका असरदार अउ भरोसेमंद हे, एकर जियत-जागत उदाहरण मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के अंतर्गत ग्राम कोड़ा के किसान बिहारी सिंह के कहानी ले आघु आथे।
किसान बिहारी सिंह ह कोड़ा उपार्जन केंद्र मं कुल 77.20 क्विंटल धान के सफलतापूर्वक बिक्री करिस। शासन कोति ले तय 3100 रुपिया प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य अउ प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी के नीति के तहत ओला अपन पूरा उपज के सही अउ फायदेमंद दाम मिलिस। पूरा प्रक्रिया पारदर्शी, सरल अउ समय सीमा के भीतर रिहिस। धान बेचे बर किसान बिहारी सिंह के टोकन ऑफलाइन माध्यम ले जारी करे गे रिहिस, एकर बाद घलो उपार्जन केंद्र मं ओला कोनो किसम के परेशानी के सामना नइ करे ला पड़िस। एकर ले ए बात साफ होथे कि डिजिटल प्रणाली के संग-संग उहू किसान मन बर घलो बढ़िया वैकल्पिक व्यवस्था पक्का करे गे हे, जे मन ऑनलाइन प्रक्रिया ले पूरा सहज नइ हें।
उपार्जन केंद्र मं किसान मन बर बइठे के बढ़िया व्यवस्था, पिये के पानी सहित आन मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराए गे रिहिस। डिजिटल कांटा ले सही तौल, सुव्यवस्थित भुगतान प्रणाली अउ भीड़-भाड़ ले मुक्त वातावरण ह पूरा प्रक्रिया ला भरोसेमंद अउ आसान बना दीस। अपन अनुभव बतावत किसान बिहारी सिंह ह कहिन के पउर साल धान बेचे के समय अनिश्चितता अउ भुगतान मं देरी आम बात रिहिस, फेर ए साल के तकनीक आधारित व्यवस्था ह ओला मानसिक अउ आर्थिक दूनो स्तर मं राहत दे हे। छत्तीसगढ़ के ए डिजिटल धान खरीदी प्रणाली आज किसान मन बर पारदर्शिता, विश्वास अउ सुशासन के एक सशक्त उदाहरण बनके उभरत हे।

