राज्य शासन के सहयोग ले किराना दुकान बनिस परिवार के खुसहाली के मजबूत आधार
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, जिला के ग्राम पंचायत केवटी के रहइया प्रमिला दीदी आज ग्रामीण महिला मन बर आत्मनिर्भरता, संघर्ष अउ सफलता के एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हें। कभू सीमित आय अउ आर्थिक तंगी के सेती परिवार के खरचा चलाना ओकर बर बड़का चुनौती रहिस। परिवार के जरूरत मन ला पूरा करे बर ओला कइ पइत आर्थिक परेशानी के सामना करे बर परत रहिस। फेर ओमन हालत के आगू हार माने के जगा अपन आप ला मजबूत बनाए के संकल्प लीन अउ इही संकल्प ओकर जिनगी मा बदलाव के सुरूआत बनिस।
बछर 2017 मा प्रमिला दीदी ह ‘जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह’ ले जुड़िन, जेकर गठन 24 फरवरी 2017 के बिहान-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत करे गए रहिस। समूह ले जुड़े के बाद ओमन रोज के बैठक मा भाग लीन, बचत के आदत बनाइन अउ समूह के माध्यम ले वित्तीय प्रबंधन, आजीविका संवर्धन अउ स्वरोजगार ले जुड़े प्रशिक्षण पाईन। अपन लगन अउ जिम्मेदारी के सेती ओमन सुरूआत ले ही समूह मा ‘पुस्तक संचालक’ के रूप मा सक्रिय रहिन अउ बाद मा FLCRP कैडर के रूप मा घलो काम करे लगिन।
समूह ले जुड़े के बाद प्रमिला दीदी ह सबसे पहिली समूह ला मिले रीवॉल्विंग फंड ले 2,000 रुपिया के करजा लेके खेती के काम सुरू करिन। ए छोट-कन उदीम ह ओकर भीतर भरोसा पैदा करिस। कुछ समय बाद जब समूह ला सीआईएफ के रासि मिलिस त ओमन 10,000 रुपिया के करजा लेके अपन गांव मा एकठन छोट-कन किराना दुकान सुरू करिन। कम पूंजी ले सुरू होए ए काम ह धीरे-धीरे गांव के लोगन मन के जरूरत के केंद्र बन गे। अपन मेहनत, ईमानदारी अउ ग्राहक मन के भरोसा के बल मा ओमन दुकान ला सरलग आगू बढ़ाइन।
आज प्रमिला दीदी के किराना दुकान ले रोज लगभग 200 रुपिया के लाभ मिलथे अउ ओला लगभग 6,000 रुपिया के हर महीना कमाई होथे। एकर अलावा FLCRP कैडर के रूप मा काम करे ले ओला लगभग 5,000 रुपिया हर महीना के उपराहा कमाई घलो हो जाथे। ए हिसाब ले ओकर कुल महीना के आय लगभग 11,000 रुपिया तक पहुँच गे हे, जेकर से ओ अपन परिवार के जरूरत मन ला आसानी ले पूरा करत हें। सबले बड़का बात ए हे के अब ओला कोनो साहूकार या आन मनखे ले उधार मांगे के जरूरत नइ परय।
प्रमिला दीदी के सफलता सिरिफ आर्थिक तरक्की तक सीमित नइ हे। ओमन ए साबित कर देहे हें के कहूं माई-लोगन मन ला सही रस्ता, सिधई अउ वित्तीय सहयोग मिले त ओमन अपन परिवार अउ समाज के आर्थिक हाल ला बदल सकत हें। ओकर सफलता ले प्रेरित होके गांव के कइ महिला मन घलो स्व-सहायता समूह ले जुड़के स्वरोजगार अपनाए बर आगू आवत हें। आज प्रमिला दीदी गांव मा एकठन भरोसा, सशक्त अउ प्रेरणादायक महिला उद्यमी के रूप मा पहचाने जाथे।
जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह ला समय-समय मा रीवॉल्विंग फंड, सीआईएफ अउ बैंक लिंकेज कस वित्तीय सहायता मिलिस, जेकर से समूह के महिला मन ला स्वरोजगार बनाए के मौका मिलिस। ए साधन मन के सही उपयोग करत प्रमिला दीदी ह अपन जिनगी मा सुघ्घर बदलाव लानिस अउ आज ओ अपन परिवार के आर्थिक मजबूती के आधार बन चुके हें।
प्रमिला दीदी के ए यात्रा ए बात के सबूत हे कि मेहनत, भरोसा अउ समूह के संग मा कोनो महिला आत्मनिर्भर बन सकत हे। बिहान योजना के सहयोग ले ओ न केवल अपन आर्थिक हाल ला मजबूत करिन, भलुक अपन गांव के आन महिला मन बर घलो प्रेरणा के रद्दा बन गीन। ओकर कहानी ग्रामीण महिला मन के सशक्तिकरण, स्वरोजगार अउ आत्मनिर्भर भारत कोती एक प्रेरणादायक उदाहरण हे।

