बस्तर के पढ़ईया लईका मन के सपना मन ल साकार करत हे युवोदय अकादमी

जगदलपुर, बस्तर के अपन विशिष्ट सांस्कृतिक पहिचान हे, प्राकृतिक सौन्दर्य हे, फेर बस्तर ल शिक्षा के क्षेत्र म पिछड़े माने जात रहिस हे। क्षेत्र के युवा मन के सपना सिरिफ कोनो कार्यालय म बाबू या शिक्षक के नौकरी पाय तक ही सीमित रहिस, फेर अब बस्तर के हालात म तेजी से बदलाव देखे जात हे। बस्तर के युवा मन ल घलोक डॉक्टर या इंजीनियर बने के अवसर मिलय, एखर बर प्रयास करे जात हे अऊ एखर परिणाम घलोक आगू आवत हे।

बस्तर क्षेत्र म बने कोचिंग संस्थान मन के घलोक अभाव हे, जिहां पढ़ईया लईका मन ल चिकित्सा अऊ इंजीनियरिंग संस्थान मन म प्रवेश बर तियार करे जा सकय। अइसन हालात म बस्तर के युवा छोटे-मोटे नौकरी म ही सिमट के झन रहि जाए अऊ डाक्टर अऊ इंजीनियर बने के सपना तको देख सकेयं अऊ वोला पूरा घलोक कर सकयं, एखर बर बस्तर जिला प्रशासन कोति ले युवोदय अकादमी के स्थापना करे गीस अऊ लइका मन ल नीट अऊ जेईई के परीक्षा मन के तैयारी बर कोचिंग के शुरुआत होइस। पाछू दू बछर ले ये संस्थान के माध्यम ले कोचिंग लेके पढ़ईया लईका मन ह सफलता के झंडा गाड़त हें। ये साल घलोक 32 पढ़ईया लईका मन ह नीट के परीक्षा म सफलता प्राप्त करे हें। ये संस्था ले कोचिंग लेवईया 50 पढ़ईया लईका मन ह ये साल नीट के परीक्षा देहे रहिन, जेमां 64 फीसदी विद्यार्थी सफल होइन, जेन कोनो जाने-माने कोचिंग संस्था ले बहुत बेहतर हे। इहां सफल होवइया पढ़ईया लईका मन म अइसन घलोक हे, जेमन कुछ दिन पहिली तक डॉक्टर या इंजीनियर बने के बारे म सपना म घलोक नइ सोचे रहिन, फेर ऊंखर भीतर प्रतिभा रहिस। अइसन प्रतिभावान पढ़ईया लईका मन ल ऊंखर सही लक्ष्य ल देखाय के संग ऊंखर भीतर ओ लक्ष्य तक पहुंचे बर सही मार्गदर्शन देहे के काम युवोदय अकादमी कोति ले करे गीस।

अइसनहेच एक विद्यार्थी चंद्रिका नाग हे, जेन बहुत ही संवेदनशील दरभा विकासखण्ड के ग्राम छिंदावाड़ा के एक किसान के बेटी ये। वोखर इच्छा नर्स बने के रहिस। इही बीच अपन शिक्षक के प्रेरणा ले वो ह युवोदय अकादमी म कोचिंग बर प्रवेश बर आयोजित टेस्ट म सामिल होइस अऊ ओ ल प्रवेश मिल गीस। चंद्रिका ह ये साल नीट के परीक्षा म सफल होइस अऊ अब वोखर इच्छा डॉक्टर बनके अपन क्षेत्र म सेवा देहे के हे, जेखर से ओ अपन क्षेत्र के बीमार मनखे मन ल स्वस्थ कर पापवय अऊ ओ मन ल देखके दूसर लइका मन घलोक वोखर से प्रेरणा लेके डाक्टर बनय अऊ क्षेत्र के मनखे मन के सेवा करयं।

अइसनहे किसान पिता अऊ शिक्षिका माता के पुत्र ओजस साहू के सपना डॉक्टर बने के रहिस। ओ नीट परीक्षा के तैयारी बर भिलाई जाय के योजना बनावत रहिस, फेर कोरोना महामारी के सेती कोचिंग संस्थान मन के बंद होए ले ओ जा नइ सकेसरहस। इही बीच जब वो ल जगदलपुर म ही नीट परीक्षा के कोचिंग मिले के जानकारी मिलीस त वो ह इहां कोचिंग चालू करिस अऊ ओ सफल होइस। कंगोली के सेजल नाग ह बताइस कि वोखर पिता चिकित्सक हे अऊ वो घलोक चिकित्सा के क्षेत्र म अपन करियर बनाए के इच्छा रखथे। 12वीं के पढ़ाई के बाद वो ह भिलाई म जाके नीट परीक्षा के कोचिंग प्राप्त करिस, फेर सफल नइ हो पाईस। येकर बाद वो ह युवोदय अकादमी म कोचिंग चालू करिस अऊ ओ सफल होइस।

इही साल नीट के परीक्षा म सफलता प्राप्त करइया कालीपुर के इमराना खातुन ह बताइस कि ओखर सपना एक सर्जन बने के रहिस। पिता एक किसान हे अऊ घर के अइसन आर्थिक स्थिति नइ हे कि ओ मन ओ ल कोचिंग बर बाहिर भेज पातिन। जगदलपुर म ही कोचिंग के निःशुल्क व्यवस्था होए ले सपना ल पूरा करे म मदद मिलीस। पढ़ईया लईका मन ह कहिन कि ओ मन इहां प्रशिक्षक मन कोति ले बहुतेच सहयोगात्मक रवैया अपनाए के संग ही कोनो समय पढ़ईया लईका मन के समस्या मन के समाधान बर उपलब्‍ध रहे के सेती ओ मन ल इहां कोचिंग प्राप्त करे म बहुत जादा सहजता होइस। शिक्षक अऊ पढ़ईया लईका मन के परिश्रम, लगन अऊ लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प के संग ये संस्थान सफलता के नवा कीर्तिमान रचत हे।

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